संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा के नए प्रारूप पर विशेषज्ञों तथा आम लोगों से भी फीडबैक लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि समिति ने स्पष्ट किया है कि यह किसी तरह का सर्वे नहीं है। सिर्फ लोगों से सुझाव मांगे गए हैं और यह नया प्रारूप तैयार करने से पहले की प्रक्रिया है। फीडबैक ऑनलाइन और निर्धारित फार्मेट में मांगा गया है।
सीसैट तथा कई अन्य बिंदुओं पर परीक्षाओं के नए प्रारूप को लेकर हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों को आपत्ति है। प्रतियोगियों ने राष्ट्रव्यापी आंदेलन भी चलाया। इसके बाद सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया गया है।
इसके अलावा अंग्रेजी के प्रश्नों के अंक न जोड़ने का निर्णय लिया गया है। साथ में प्रतियोगियों के विरोध को देखते हुए सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा के प्रारूप में बदलाव पर मंथन भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी को पिछले महीने ही रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अवधि बढ़ा दी गई है। कमेटी को अब अगस्त तक रिपोर्ट देनी है। नए प्रारूप में किसी तरह की कमी और विवाद न रह जाए इस बाबत लोगों से भी फीडबैक लेने का निर्णय लिया गया है। कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए अगस्त तक का समय दिए जाने के बाद यह भी तय हो गया है कि अब कोई भी बदलाव सिविल सर्विसेज-2016 से लागू नहीं हो सकेगा। सिविल सर्विसेज भर्ती-2017 से ही कोई बदलाव लागू हो पाएगा।