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तीन भाषाओं के जखीरे से समृद्ध है उर्दू

Wed, 17 Feb 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हमीदिया गर्ल्स डिग्री कालेज के उर्दू विभाग की ओर से ‘19वीं सदी में उर्दू अदब-ओ-सहाफत : मुशी द्वारिका प्रसाद उफुक के खुसूसी हवाले से’ विषय पर बुधवार को शुरू दो दिनी गोष्ठी में वक्ताओं ने उर्दू को समृद्ध भाषा बताया। अलीगढ़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जफर अहमद सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू जबान में जितने अफाल, जमीरे और हुरुफे मानविया आदि हैं वह सब हिन्दुस्तानी हैं।
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प्रोफेसर जफर ने कहा कि उर्दू में तीन भाषाओं मकामी, फारसी और अरबी का जखीरा है। इस वजह से यह भाषा बहुत समृद्ध हो गई। आर्य कन्या डिग्री कालेज की पूर्व प्राचार्य डॉ.कोमल भटनागर ने शायर उफुक साहब के बारे में बताया। प्राचार्य डॉ.रेहाना तारिक ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कालेज की शिक्षा और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। गोष्ठी को लईक रिजवी, डॉ.आफताब अहमद, डॉ.वजाहत रिजवी, डॉ.शाहनवाज शिबली आदि ने संबोधित किया। कालेज की अध्यक्ष डॉ.रशीदा खान ने आयोजन पर प्रकाश डाला। नासेहा उस्मानी ने संचालन तथा जरीना बेगम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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