मौसम की उटापटक अब भी जारी है। सोमवार को दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था और लोग पसीने से बदतर, मंगलवार को मौसम ने पलटी मारी। सुबह शुरू हुई बारिश के साथ पारा लुढ़कने लगा और अधिकतम तापमान नौ डिग्री नीचे चला आया। सूरज बादलों के पीछे छिप गए और सर्द हवाओं ने लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि मौसम की यह उटापटक बीमारियों का कारण भी बन रही है। खासी-जुकाम और वायरल बुखार ने तेजी से अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।
सोमवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस था। मंगलवार सुबह आसमान में छाए बादलों ने बरसना शुरू किया तो पारा गिरने लगा। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बादल भी दिनभर छाए रहे। ऐसे में समय से पहले गर्मी से बेहाल शहरियों के लिए सर्द हवाओं का एहसास राहत भरा रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि बारिश के कारण मंगलवार सुबह आधे से अधिक शहर में बिजली गुल हो गई। कहीं ट्रांसफार्मर फुंकने तो कहीं जम्फर उड़ जाने से बिजली गुल हो गई। जॉर्जटाउन, टैगोर टाउन, आजाद नगर, कीडगंज, मुट्ठीगंज सहित कई इलाकों में तो सुबह चार से पांच घंटे तक आपूर्ति ठप रही।
बिजली न होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही और दिन के वक्त कई मुहल्लों में लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी। मुसीबत सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। शहर में जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। मिट्टी सड़क किनारे पड़ी हुई है। बारिश के कारण मिट्टी कीचड़ बनकर सड़क पर फैल गई। शहर के अन्य इलाकों के साथ सिविल लाइस जैसे पॉश इलाके की हालत भी बारिश की वजह से बदतर हो गई।
बारिश के कारण मेला क्षेत्र में भी अव्यवस्था हावी रही। मेला क्षेत्र में कई कल्पवासियों को फटे-पुराने टेंट दिए गए हैं। ऐसे में बारिश का पानी टेंट से रिस कर शिविर में प्रवेश कर गया और शिविर में रखे कपड़े, राशन भीगकर खराब हो गए। कई कल्पवासियों और साधु-संतों को दूसरों के शिविरों में जाकर शरण लेनी पड़ी। बारिश के कारण चकर्ड प्लेट भी अपनी जगह से खिसक गईं और मेला क्षेत्र की सड़कों पर कई जगह फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसे में कुछ दोपहिया वाहन चालकर फिसलकर चोटिल भी हो गए।