यूपी बोर्ड की ओर से 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रयोग में आने वाली उत्तर पुस्तिकाएं परेशानी का कारण बन सकती हैं। बोर्ड की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं पर गलत कोडिंग हो गई है, जिससे परीक्षा के बाद परिणाम घोषित करने में परेशानी हो सकती है। बोर्ड की ओर से भेजी गई कापियों पर गलत तरीके से कोडिंग करने से बीच में कई नंबर गायब हैं। यह गलती परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापकों एवं परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों पर भारी पड़ सकती है।
शासन के निर्देश पर यूपी बोर्ड की ओर से बोर्ड परीक्षा में इस बार कोडिंग वाली कापियों की व्यवस्था लागू की गई है।
कापियों पर गलत तरीके से कोडिंग किए जाने से प्रधानाचार्य परेशान हैं। उनका कहना है कि एक कापी पर दो-दो नंबर पड़े हैं, कुछ नंबरों की कापियां गायब हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान बोर्ड और जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से केंद्र व्यवस्थापकों पर कापी गायब कराने का आरोप लग सकता है। यूपी बोर्ड की इस लापरवाही से केंद्र व्यवस्थापक परेशान हैं। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के एसपी तिवारी का कहना है कि बोर्ड की ओर से कहा गया है कि कोड वाली कापी को वितरण के बाद परीक्षा के अंत में प्रयोग किया जाए, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक दूसरे दिन प्रयोग करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोड वाली कापी को परीक्षा के अंत में प्रयोग करने का निर्णय परेशानी वाला है। कापी के गलत प्रयोग पर परीक्षार्थी एवं केंद्र व्यवस्थापक परेशानी में पड़ सकते हैं।