लगातार विवाद के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ भवन पर भी किसी तरह के आयोजन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। विश्वविद्यालय में विरोध के बाद सांसद आदित्यनाथ का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद से ही छात्रसंघ पदाधिकारी में गतिरोध बन गया है तथा परिसर में आयोजनाें को लेकर विरोध की राजनीति शुरू हो गई है।
उग्र विरोध की वजह से परिसर में अराजकता के साथ तनाव बन जाता है। पिछले ढाई महीने में ही उग्र विरोध प्रदर्शन की वजह से परिसर कई बार अराजकता की भेंट चढ़ा। जबकि, प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। 10 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए छात्रसंघ भवन पर भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं देने पर विचार किया जा रहा है।
उधर, छात्रसंघ अध्यक्ष की ओर से आयोजित कार्यक्रम का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई से भी नाराजगी बढ़ गई है। कुलपति दफ्तर पहुंचे छात्रों ने आयोजन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिसर में छात्रों पर लाठीचार्ज तथा दौड़ाकर पीटने पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। साथ में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लाठीचार्ज में घायल छात्रों ने मेडिकल जांच के लिए चीफ प्रॉक्टर को भी ज्ञापन साैंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में नीरज प्रताप सिंह, शुभेंदु प्रताप, वरुण प्रताप सिंह, सुधांशु सिंह, विकास चौबे आदि शामिल रहे।