शहर की सड़कों पर घूमते आवारा कुत्तों के कारण लोगों का राह चलना मुश्किल हो गया है। कई सड़कों पर कुत्तों के कारण परेशान ज्यादा बढ़ गई है। खासकर रात में सड़क से वाहनों के गुजरने पर कुत्तों का झुंड तेजी से उसके पीछे दौड़ता है और हमला करने का प्रयास करते हैं। इसकी वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि नगर निगम आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलता है लेकिन इन पर नियंत्रण नहीं लग रहा है। उधर, निगम के पशुधन विभाग ने आवारा कुत्तों की नसबंदी की भी योजना तैयार की है।
कीडगंज, बाई का बाग, रामबाग, मुट्ठीगंज, जानसेगंज से लेकर सिविल लाइंस, कटरा, कर्नलगंज, ममफोर्डगंज आदि मोहल्लों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते हैं। दिन में आराम फरमाने वाले यह कुत्ते अंधेरा होते ही सड़क, गलियों में नजर आने लगते हैं। कीडगंज, कोठापार्चा, मुट्ठीगंज समेत पटरी पार पुराने मोहल्ले की सड़कों कुत्तों का आंतक ज्यादा है। इन मोहल्लों की सड़कों पर देर रात में वाहन चालकों का निकलना मुश्किल होता है। खासकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए। सड़कों पर घूमते कुत्ते किसी वाहन की गुजरने पर उसके साथ-साथ तेजी से दौड़ते हैं और वाहन चालक पर हमले का प्रयास करते हैं। कई बार इसकी वजह से वाहन चालक लड़खड़ा कर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें गंभीर चोट आती है।
कीडगंज में शंकर लाल भार्गव मार्ग पर रविवार रात में कुत्तों के झुंड के हमले से एक वाहन चालक गिरकर घायल हो गया। पशुधन अधिकारी डॉ.धीरज गोयल का कहना है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चल रहा है। पुराने शहर में शहर में भी बुधवार से अभियान चलाया जाएगा। बताया कि कुत्तों की नसबंदी पर काफी खर्च होना है। इसके लिए प्रस्ताव बनाया गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।