गंगा सेवा अभियानम एवं माघ मेला प्रशासन के सहयोग से रविवार को त्रिवेणी तट पर राजोपचार महाआरती हुई। काशी से आए 31 बटुकों ने गंगा की महिमा का गुणगान करते हुए संगमनोज पर आरती की। पहली बार त्रिवेणी तट पर होने वाली इस महाआरती को देख सभी अभिभूत थे।
ज्योतिष एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य एवं गंगा सेवा अभियानम के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सानिध्य में संतों महात्माओं ने गंगा आरती में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत डीएम संजय कुमार ने गंगा पूजन से हुई। 31 पीथिका पर खड़े होकर बटुकों ने मां गंगा की महाआरती की। आरती के बाद काशी से आए कलाकारों ने गीत, संगीत नृत्य के माध्यम त्रिवेणी वंदन किया।
राहुल, रोहित मिश्रा का गायन, सौरव, गौरव मिश्र का कथक नृत्य और अंशुमान, प्रांजल की जुगलबंदी ने वाहवाही बटोरी। महाआरती कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, सतुआबाबा संतोष दास, न्यायमूर्ति अरुण टंडन, न्यायमूर्ति अमित अस्थेलकर, न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही, सीडीओ अटल कुमार राय, प्रभारी मेलाधिकारी हरिओम शर्मा, ना सहित बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।