राजरूपपुर में शुक्रवार आधी रात बाद पुलिस चौकी के पास दो रेस्टोरेंट को आग के हवाले कर दिया गया। भोर में करीब चार बजे इसकी सूचना फायरब्रिगेड को मिली तो दमकल दस्ते ने आकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन इतनी देर में दो रेस्टोरेंट का सब कुछ खाक हो गया। आग बुझने पर सिर्फ जला मलबा ही बचा रह गया था। दोनों रेस्टोरेंट का कई लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस का कहना है कि रेस्टोरेंट के पास आधी रात मानसिक रूप से निशक्त एक व्यक्ति को अलाव तापते देखा गया था। कुछ लोगों ने बताया कि वही रेस्टोरेंट में जलती लकड़ी या कागज फेंककर चला गया। हालांकि इस घटना में चौकी के पुलिसकर्मियों की भी घोर लापरवाही से लोगों में नाराजगी है।
झलवा मार्ग पर राजरूपपुर पुलिस चौकी से कुछ कदम की दूरी पर राहुल रेस्टोरेंट और उसके बगल में जायसवाल भोजनालय है। शुक्रवार रात करीब दो बजे के बाद दोनों रेस्टोरेंट से धुआं और आग की लपटों को उठता देख राहगीरों ने पुलिस चौकी में खबर दी। जानकारी पाकर रेस्टोरेंट मालिक भी भोर में आ गए। दमकल दस्ता भोर में करीब साढ़े चार बजे पहुंचा। तब तक दोनों रेस्टोरेंट आग में घिरकर धू-धूकर जल रहे थे। करीब दो घंटे में आग बुझा ली गई पर राहुल रेस्टोरेंट पूरी तरह खाक हो गया। किचन से लेकर अंदर रखे सोफे, कुर्सियां समेत सब कुछ जल गया। जायसवाल भोजनालय में भी ज्यादातर सामान जल गया। दोनों रेस्टोरेंट के संचालक फूट-फूटकर रोते रहे।
फिर मजदूरों को बुलाकर रात तक मलबा हटाया जाता रहा। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद दावा किया कि आग मानसिक रूप से निशक्त उस शख्स ने लगाई है जो आधी रात तक रेस्टोरेंट के पास आग तापता नजर आया था। लोगों ने उसे ही जलते कागज और गत्ते इधर-उधर फेंकते देखा था। ऐसे में आशंका है कि उसने ही राहुल रेस्टोरेंट में कुछ जलता फेंका था। अनुमान है कि राहुल रेस्टोरेंट से ही आग फैलकर बगल के जायसवाल भोजनालय तक पहुंची। मगर लोगों में पुलिस के खिलाफ नाराजगी है। पूर्व पार्षद अखिलेश सिंह ने कहा कि पुलिस चौकी के बगल में दो रेस्टोरेंट जल गए और पुलिसवाले सोते ही रह गए।