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वसंत पंचमी पर लाखों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Sun, 14 Feb 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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माघ मेले के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। सुबह से ही संगम नोज सहित गंगा के सभी स्नान घाटों पर डुबकी लगाने का क्रम देर शाम तक चलता रहा। वसंत पंचमी पर आज संगम का भी नजारा बदला-बदला सा रहा। पीले वस्त्रों में साधू-संत तथा श्रद्धालु अलग ही छटा बिखेर रहे थे। भोर की लालिमा जब संगम पर पड़ी स्नान कर रहे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने शृंगार का सामान सहित चुनरी गंगा में चढ़ाई। हर-हर गंगे के जयघोष से दिन भर संगम तट गूंजता रहा। 
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गंगा, यमुना अदृश्य सरस्वती के पावन तट पर लोगों ने जहां डुबकी लगाकर पुण्य कमाया, वहीं सरस्वती का विधिविधान से पूजन भी किया। कल्पवासियों ने अपने शिविरों में भी श्रद्धा भाव से सरस्वती पूजन किया। शहरी भी इसमें पीछे नहीं रहे।  तिल गुड़ और खिचड़ी का दान किया गया। इस अवसर पर गोदान कराने के लिए लोगों की कतारें पंडों के तख्त के पास लगी। चंदन टीका लगवाने के बाद लोगों ने गंगा के तट पर ही हलुआ पूड़ी खाई। घर के लिए गंगाजली डिब्बों में गंगाजल लिया। ज्यादातर श्रद्धालुओं ने बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर तथा शंकर विमान मंडपम में जाकर पूजन-अर्चन भी किया।
माघ मेला क्षेत्र के दंडीबाड़ा, आचार्यबाड़ा, काली सड़क, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग आदि स्थित संतों के शिविरों में गुरु दीक्षा और भंडारे का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। त्रिवेणीमार्ग स्थित ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की अगुवाई में सरस्वती पूजा हुई। आचार्य विद्याकांत पांडेय के आचार्यत्व में विधिविधान से पूजन हुआ। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम, अध्यक्ष स्वामी विमल आश्रम, महांमत्री स्वामी ब्रह्माश्रम, शंकराश्रम आदि के शिविरों में गुरुमंत्र लेने वालों का तांता लगा रहा। पूजा अर्चना के उपरांत भंडारा हुआ। 
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आध्यात्म की त्रिवेणी रचे बसे माघ मेला क्षेत्र में  वसंत का स्वागत अबीर-गुलाल  से हुआ। मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा और मौनी अमावस्या स्नान पर्व से इतर फागुआ की मस्ती में सराबोर श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सरस्वती पूजन के उपरांत एक दूसरे को अबीर लगा पर्व की बधाई दी।
पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक एवं शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के मेला प्रभारी स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी, खाक चौक के महामंत्री सतुआबाबा संतोषदास, परी अखाड़े के मुखिया त्रिकल भवंता, योग गुरु स्वामी आनंद गिरि, स्वामी विद्याचैतन्य, रामकृष्ण मिशन मठ के उपाध्यक्ष स्वामी सुहृदानंद आदि ने डुबकी लगाई।
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