आनंद भवन एक बार फिर कांग्रेस में नई जान फूंकने का केंद्र बनेगा। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष की शुरुआत आनंद भवन से ही होगी और उनकी
जयंती अबकी शक्ति दिवस के रूप में मनाई जाएगी। जवाहर लाल नेहरू स्मारक निधि से जुड़े कार्यों का जायजा लेने इलाहाबाद आईं सोनिया ने कहा, इंदिरा जन्मशताब्दी वर्ष के तहत महिला शक्तिकरण सहित अनेक मुद्दों पर वर्ष पर्यंत पूरे देश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आनंद भवन परिसर पहले से ही शक्ति स्थल के रूप में जाना जाता है। इसलिए जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत यहीं से की जाएगी। देश के विभिन्न कोनों सहित समारोह में दूसरे मुल्कों से भी मेहमान आएंगे। बाद में सोनिया ने आनंद भवन परिसर में प्रस्तावित कार्यस्थल स्थल का निरीक्षण भी किया।आनंद भवन से ही मोदी सरकार के खिलाफ शंखनाद किया जाएगा। शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात में सोनिया ने कुछ अपनी कही और कुछ उनकी सुनी। कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण सिंह की अगुवाई में मिले प्रतिनिधि मंडल से सोनिया ने तकरीबन बाइस मिनट की मुलाकात में आनंद भवन परिसर से कांग्रेस में नई जान फूंकने का संकेत भी दिया। गांधी परिवार से किसी न किसी को आगामी चुनाव में फूलपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। पार्टी नेताओं ने आगामी विधान सभा चुनाव में खांटी कांग्रेसियों को ही टिकट देने की बात कही। कहा, किसी पैराशूट प्रत्याशी को मैदान में न उतारा जाए। सपा-बसपा की तरह प्रत्याशियों की घोषणा छह महीने पहले ही कर दी जाए।
फूलपुर संसदीय क्षेत्र से गांधी-नेहरू परिवार के किसी सदस्य को चुनाव लड़ाए जाने के पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रस्ताव पर सोनिया ने विचार करने का भरोसा दिलाया। कार्यकर्ताओं ने कमला नेहरू अस्पताल सहित कई मुद्दों पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें जानकारी दी। पार्टी की गतिविधियों सहित उन्हें यह भी बताया गया कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर चौपाल लगाकर कांग्रेस की नीतियों से लोगों को रूबरू करा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी, कौशाम्बी जिलाध्यक्ष तलत अजीज, पूर्व शहर अध्यक्ष अभय अवस्थी, महासचिव हसीब अहमद, श्रीशचंद्र मिश्र, मुकुंद तिवारी, आशीष पांडेय, जावेद उर्फी, इरशाद उल्ला, विजय प्रकाश, रमेश पांडेय आदि शामिल थे।