मैग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडेय को आईआईटी बीएचयू के विजिटिंग प्रोफेसर पद से हटाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने बीएचयू के कुलपति तथा आईआईटी निदेशक से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की खंडपीठ कर रही है।
याचिका में कहा गया है कि याची आईआईटी के केमिकल एंड मैकेनिकल विभाग में विजिटिंग प्रोफेसर था। 21 दिसंबर 2015 को विश्वविद्यालय कार्य परिषद ने उन पर परिसर में राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव के परिपेक्ष्य में निदेशक आईआईटी ने 16 जनवरी 2016 को उनकी संविदा समाप्त कर दी। याची का कहना था कि बर्खास्तगी का आदेश सामान्य आदेश नहीं है। याची को एक प्रकार से दंड दिया गया है, जिससे उसे गहरा सदमा लगा है। कहा गया कि आदेश अवैधानिक है क्योंकि आदेश जारी करने से पूर्व याची का पक्ष नहीं सुना गया। इसमें नैसर्गिक न्याय का पालन नहीं हुआ है। याचिका पर 17 फरवरी को सुनवाई होगी।