यूपी बोर्ड परीक्षा से जुड़े प्रवेश पत्रों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिल रही है। लाखों प्रवेशपत्र की गड़बड़ियां दूर करना बोर्ड के वश में नहीं है, लिहाजा बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को अधिकार दिया है। प्रधानाचार्य अपने स्तर पर प्रवेशपत्र की गड़बड़ियां दूर करके इसकी सूचना यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज सकते हैं। गलती नहीं सुधारने की स्थिति में जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी। प्रवेशपत्रों में परीक्षार्थियों के विवरण एवं फोटो में विसंगति होने पर प्रधानाचार्य नए प्रवेशपत्र जारी कर सकते हैं।यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों को फोटोयुक्त कंप्यूटराइज्ड प्रवेशपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। बोर्ड की ओर से जारी प्रवेशपत्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। अब प्रधानाचार्यों को उसमें सुधार का अधिकार दिया गया है। बोर्ड की ओर से प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया कि जिन प्रवेशपत्रों पर फोटो नहीं लगी है, ऐसे प्रवेशपत्रों पर परीक्षार्थी से फोटो चस्पा करवाकर उसे संस्था प्रमुख स्वयं प्रमाणित करके इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षकों के माध्यम से यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दें। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि प्रवेशपत्र में छोटे-मोटे संशोधन होने की स्थिति में प्रधानाचार्य उन्हें स्वयं ठीक कर सकते हैं। गलती ठीक करने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक से अग्रसारित करवाकर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय भेजकर वहां से सादे प्रवेशपत्र प्राप्त करके उस पर परीक्षार्थी का सही विवरण भरने के बाद प्रधानाचार्य अपनी मुहर के साथ प्रमाणित करके परीक्षार्थी को उपलब्ध कराएं। प्रधानाचार्य विशेष परिस्थिति में अस्थाई प्रवेशपत्र जारी कर सकते हैं, जिससे किसी की परीक्षा छूटने न पाए।