इस बार की गर्मी में मौसम क्या गुल खिलाएगा। इसका अंदाजा अभी से ही लगाया जा सकता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही पारा तीस डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया। यह औसत से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रिकार्ड किया गया। रात का पारा भी राहत देने वाला नहीं है। रात का पारा 11.2 डिग्री सेल्सियस के होने से लोगों की नींद गायब हो गई है। फरवरी में ही नमी ने साथ छोड़ने जैसा संदेश दिया है। शुक्रवार को इसमें कमी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानी कहते हैं कि इस बार पारा नया रिकार्ड बना सकता है। दिन में तीखी धूप और रात का मिलाजुला मौसम का हाल होली जैसा हो गया है।
इस साल पारे ने शुरू से ही सर्दी का साथ नहीं दिया। इसके चलते सर्दी ने लोगों को ज्यादा सताया नहीं। सर्दी डेढ़ महीने की देर से शुरू हुई लेकिन पारा ज्यादा नीचे नहीं आ सका। न्यूनतम पारा इस बार पांच डिग्री से नीचे और चार डिग्री से ऊपर ही रिकार्ड किया गया। कुछ गिने चुने दिनों को छोड़ दिया जाए तो पारा न केवल नवंबर बल्कि दिसंबर और जनवरी में भी औसत से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कभी-कभी तो यह चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। शुक्रवार को अधिकतम पारे में औसत से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानी डॉ. अनुपम पांडेय कहते हैं कि अब ठंड का आना मुश्किल है। संभावना है कि शहरियों को अधिक गर्मी झेलनी पड़ेगी। फिलहाल मौसम के इस रंग से शहरियों में बेचैनी है। लोगों ने दिन में गर्म कपड़े उतार फेंके। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी मौसम का हाल ऐसा ही बना रहेगा।