माघ मेला में किसी शरारती ने एडीए सिविल सप्लाई के नाम पत्र लिखकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती सहित पांच संतों को पत्र लिखकर धमकी दी है कि अगर वे फर्जी बनवाए गए राशन कार्डों को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के सुपुर्द नहीं करते तो उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस पत्र से संतों में खलबली मची है। संतों की ओर से इसको जानकारी देने के बाद मामले की जांच कराई गई। पता चला है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत है।
संतो को भेजे पत्र में कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही मेला में फर्जी राशन कार्ड बनवाकर खाद्यान एकत्र करने का भी आरोप है। कहा संतों के चेले सरकारी फर्जी राशन कार्ड बनवाकर कंट्रोल की दुकानों से राशन-मिट्टी का तेल एकत्र कर बाजार में बेच देते हैं। पत्र में चेतावनी दी गई है कि तीन दिन के अंदर अगर ऐसे फर्जी राशन कार्ड क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी प्रभारी माघ मेला को सुपुर्द नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई की जाएगी। शंकराचार्य स्वरूपानंद की ओर से इस बात की शिकायत क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से की गई। साथ ही प्रभारी मेलाधिकारी को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत कराया गया। मामले में एडीएम सिविल सप्लाई प्रेम प्रकाश पाल ने माघ मेला के क्षेत्राधिकारी को पत्र लिखकर इसकी जांच करने को कहा है।