केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन संस्थानों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ने के लिए संस्थान परिसर में केंद्रीय विद्यालय खोलेगा। केंद्रीय विद्यालय खोले जाने से इन शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, कर्मचारियों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में दी।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जगह चिह्नित करके उसकी सूचना देने को कहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुल जाने से दूर-दराज के केंद्रीय संस्थानों में शिक्षण कार्य कर रहे प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के पाल्यों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे केंद्रीय शिक्षण संस्थान हैं जो ऐसी जगहों पर हैं जहां बच्चों के लिए अच्छे स्कूल नहीं हैं, इस परेशानी को दूर करने के लिए सभी केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में केंद्रीय विद्यालय खोलने का फैसला किया गया है।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया ने 10 फरवरी को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक समारोह में भाग लेने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति से केंद्रीय विद्यालय के लिए जगह उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी, ट्रिपलआईटी सहित अन्य केंद्रीय शिक्षण संस्थानों से केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जगह उपलब्ध कराने को कहा है। इलाहाबाद में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ दो राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) एवं मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) हैं। इसमें मात्र भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में ही केंद्रीय विद्यालय है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में केंद्रीय विद्यालय खोलना होगा।