बजरंगबली की कृपा से सारे मनोरथ पूरे होते हैं। जिसने सच्चे हृदय से बजरंगबली की आराधना की है, उसके कष्टों का निवारण हुआ है। माघ मेले के अक्षयवट मार्ग स्थित गंगा सेना शिविर में आयोजित रामकथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथा व्यास बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक योगगुरु स्वामी आनंद गिरि ने हनुमत महिमा का बखान किया।
कहा, मानव जीवन में सेवा का भाव राम भक्त हनुमान की आराधना से मिलता है। उनके नाम का स्मरण कर लेने से ही भूतप्रेत ऊपरी बाधाओं से छुटकारा मिलता है। त्रिवेणी तट पर माता सीता की आज्ञा से बजरंगबली विराजमान हैं। गंगा स्नान के बाद उनके दर्शन पूजन से स्नान का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। समापन अवसर पर उन्होंने अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंकाकांड, उत्तर कांड के विभिन्न प्रसंगों की कथा सुनाई। बजरंगबली के जयकारों से शिविर गूंजता रहा। शिविर में प्रवचन सुनने आने वालों में प्रदीप त्रिपाठी, रश्मि त्रिपाठी, देवेंद्र मिश्र, इरा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।