शहर से लेकर मेले तक सड़कों पर श्रद्धालुओं को रेला, संगम पर जुटा स्नानार्थियों का जनसैलाब और हर तरफ भीड़ बेहिसाब। माघ मेले में सोमवार को मौनी अमावस्या पर भीड़ का यह कुंभ वर्ष 2013 की यादें ताजा कर गया। सोमवार को मौनी अमावस्या होने के कारण पर्व का खास महत्व हो गया था, सो अफसर पहले से ही अनुमान लगाकर बैठे थे कि श्रद्धालुओं की भीड़ अनुमान से अधिक होगी। हुआ भी यही। हालांकि भीड़ की कोई गिनती नहीं होती लेकिन प्रशासन का दावा है कि एक करोड़ से अधिक स्नानार्थियों ने मौनी अमावस्या पर डुबकी लगाई।
मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए रविवार देर रात से ही संगम सहित अन्य घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। सोमवार को भोर में संगम की ओर जाने वाली शहर की कई सड़कें थोड़ी खाली हुईं लेकिन दिन चढ़ते-चढ़ते भीड़ फिर बढ़ी और संगम नोज सहित अन्य घाटों पर स्नानार्थियों का दबाव बढ़ने लगा। डीएम संजय कुमार और एसएसपी केएस इमैनुअल सहित कई अफसर घाटों पर भीड़ नियंत्रित करने में जुट गए। इस बीच इलाहाबाद जंक्शन और प्रयाग रेलवे स्टेशन से भी अफसरों ने संपर्क साधा और वहां कैम्प कर रहे प्रशासन की ओर से नियुक्त मजिस्ट्रेटों को सूचना पहुंचाई कि मेले से भीड़ लौटने लगी है, सो रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता और बढ़ा दी जाए। रोडवेज के अफसरों को भी यही दिशा-निर्देश दिए गए।
परेड मैदान की ओर बड़े रहे वाहनों को भी बालसन चौराहा, सीएम डॉट पुल और अलोपीबाग के पास रोक दिया गया। परेड के अलावा सीएमपी डिग्री कॉलेज और केपी इंटर कॉलेज में बनाई गई वैकल्पिक पार्किंग में जगह खत्म हो चुकी थी, सो जवाहर लाल नेहरू रोड पर फोर्ट रोड चौराहे से लेकर एलआईसी कॉलोनी तक सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग कराई गई। उधर, मेडिकल कॉलेज चौराहे से सीएमपी डिग्री कॉलेज तक महात्मा गांधी मार्ग पर भी पटरी पर वाहन खड़े कराए गए। इस बीच डीएम और एसएसपी सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लेते रहे। शांति एवं सुरक्षा के मद्देनजर मेले में 50 सीसी टीवी कैमरे लगाए गए थे। साथ ही आरएफ, डोम माउंटेशन, सर्विलांस व्हीकल से भी निगरानी रखी जा रही थी।