इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने की राह का रोड़ा दूर होता दिख रहा है। छात्र-छात्राओं का बायोमेट्रिक अटेंडेंस होगा। प्रयोग के तौर पर वनस्पति विज्ञान विभाग में रविवार को इसकी शुरुआत भी हो गई। फिलहाल यह व्यवस्था बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है। इसकी सफलता के बाद पूरे विश्वविद्यालय में इसे लागू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में ज्यादातर कक्षाआें में 100 से अधिक विद्यार्थी हैं। इसकी वजह से शिक्षक उपस्थिति नहीं लेते, लेकिन अब यह गतिरोध दूर होने जा रहा है। वनस्पति विज्ञान विभाग में इसके लिए सितंबर से प्रयास किए जा रहे थे। रविवार से यह व्यवस्था लागू हो गई। फिलहाल बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं का बायोमेट्रिक अटेंडेस होगा। मशीन प्रथम वर्ष के क्लास रूम और लैब के बीच में लगाया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को क्लास या लैब में जाने से पहले उपस्थिति दर्ज करानी होगी। कोई बहाना नहीं चलेगा।
इसके लिए उन्हें अंगूठे के बगल वाली उंगली लगानी होगी। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनुपम दीक्षित ने बताया कि मशीन में बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के नाम, नामांकन संख्या, मोबाइल नंबर आदि सभी डिटेल फीड किए गए हैं। रविवार को बीएससी प्रथम वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा शुरू हुई। प्रोफेसर अनुपम ने बताया कि इसलिए इसके उद्घाटन के लिए रविवार का दिन चुना गया। उन्होंने बताया कि इसकी मदद से छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त कक्षाएं या विभाग की अन्य गतिविधियों की जानकारी भी मोबाइल पर मैसेज से दी जा सकती है। उन्हाेंने बताया कि आने वाले दिनों में यह भी व्यवस्था होगी कि यदि विद्यार्थी क्लास में अनुपस्थिति रहता है तो उसका मैसेज उनके अभिभावक के मोबाइल पर पहुंच जाएगा।