उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष की स्थिति को लेक र एक बार फिर दुविधा की स्थिति बन गई है। डॉ.सुनील कुमार जैन का तीन महीने का कार्यकाल सोमवार को खत्म हो रहा है, लेकिन अभी तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। डॉ.जैन का कार्यकाल बढ़ाए जाने का आदेश भी अभी जारी नहीं हुआ है। ऐसे में आयोग में एक बार फिर संवैधानिक संकट खड़ा होने का अंदेशा बन गया है। इससे लोअर सबऑर्डिनेट-2013 का फाइनल रिजल्ट भी फंसता दिख रहा है।
अनिल यादव की नियुक्ति रद्द होने के बाद डॉ.सुनील कुमार जैन को नए अध्यक्ष की नियुक्ति या अधिकतम तीन महीने के लिए यह जिम्मेदारी दी गई। उनका तीन महीने का कार्यकाल सोमवार को खत्म हो रहा है। हालांकि नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए सरकार की ओर से गठित सर्च कमेटी ने आवेदन मांगा है। इसके बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कयासबाजी भी शुरू है, लेकिन अभी तक किसी का चयन नहीं हुआ है। चूंकि सर्च कमेटी संभावितों का पैनल मुख्यमंत्री को सौंपेगी। मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद उस पर अंतिम मुहर राज्यपाल की लगेगी। इस तरह से नए अध्यक्ष की नियुक्ति में वक्त लग सकता है।
ऐसे में यदि सोमवार को डॉ.सुनील कुमार जैन का कार्यकाल बढ़ाने का आदेश नहीं हुआ तो आयोग में कोई अध्यक्ष नहीं होगा। इससे आयोग के सभी फैसले लंबित हो जाएंगे। लोअर सबऑर्डिनेट-2013 का साक्षात्कार चार फरवरी को खत्म हो चुका है। आमतौर पर आयोग इंटरव्यू के बाद एक सप्ताह के भीतर रिजल्ट घोषत कर देता है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में लोअर सबऑर्डिनेट का परिणाम फंसने का अंदेशा बन गया है। अध्यक्ष डॉ.सुनील कुमार जैन का कहना है कि अभी तक उनके पास इस संबंध में शासन से कोई पत्र नहीं आया है। सोमवार को भी कोई निर्णय नहीं हुआ तो तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे निर्णय लिए जाएंगे।