उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एक तरफ जहां दो साल में हुईं भर्तियों के सभी रिकार्ड टूट गए हैं, वहीं कुछ परीक्षाओं के परिणाम का प्रतियोगियों को लंबे समय से इंतजार है। लोक सेवा आयोग ही नहीं उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के रिजल्ट को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। कब तक रिजल्ट घोषित हो पाएगा इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
लोक सेवा आयोग में डॉ. अनिल यादव के अध्यक्ष बनने के बाद ढाई सौ से अधिक भर्तियाें के फाइनल रिजल्ट निकाले जा चुके हैं। इसके विपरीत लोअर सबऑर्डिनेट-2013 मुख्य परीक्षा के रिजल्ट का अभ्यर्थी महीनों से इंतजार कर रहे हैं। यह परीक्षा पिछले साल दिसंबर में हुई थी। खास यह कि इसके बाद हुईं पीसीएस-2014 समेत कई भर्ती परीक्षाओं के फाइनल रिजल्ट भी घोषित हो चुके हैं। इसकी वजह से लोअर सबऑर्डिनेट 2014 और 2015 की भर्तियां भी फंसी हैं और अभी तक इन भर्तियों का विज्ञापन नहीं हो सका है। 2014 की भर्ती के तो लैप्स होने का अंदेशा बन गया है।
इसी तरह से उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। आयोग की ओर से मई में ही रिजल्ट घोषित करने का दावा किया गया था। अगस्त तक अंतिम परिणाम घोषित करने की बात कही गई थी लेकिन तीन सदस्यों की नियुक्ति पर सवाल उठने के बाद सबकुछ ठप हो गया है। हालांकि नए अध्यक्ष लाल बिहारी पांडेय ने इस विवाद के बावजूद अगस्त के पहले सप्ताह में फाइनल आंसर की, फिर परिणाम घोषित करने का दावा किया था। उनका कहना था कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक आंसर की भी जारी नहीं हो पायी। इसके अलावा सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद बना हुआ है। ऐसे में रिजल्ट कब तक निकल पाएगा इसे लेकर गतिरोध बना हुआ है। इससे अभ्यर्थियों में निराशा है।