शहर के दौरे पर आए डीजीपी जगमोहन यादव ने सोमवार को जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक के बाद कहा कि गुंडागर्दी पर रोक लगानी होगी। गुंडई कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी। अराजकता फैलाने वालों पर सख्ती करनी होगी। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों पर हमला और बवाल करने वाले लोगों के खिलाफ भी फोटो और वीडियो के ठोस सुबूत के साथ कठोर कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
एसएसएल हॉस्टल में आयोजित पुरा छात्र सम्मेलन में शिरकत करने आए डीजीपी ने सोमवार को पुलिस लाइन में आईजी जोन ब्रजभूषण शर्मा, डीआईजी भगवानस्वरूप श्रीवास्तव और जोन के सभी एसपी के साथ अपराध स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराध पर तो पुलिस कार्रवाई करती ही है लेकिन जरूरत है गली-मुहल्लों के गुंडों पर काबू पाने की। सड़क पर मारपीट, धमकी, दुकानों से रंगदारी वसूली या धमकी देकर पैसे मांगने वाले गुंडों के खिलाफ पुलिस को सूचना मिलते ही कठोर कदम उठाए जाने की जरूरत है। ऐसी गुंडागर्दी में बहुत जांच या सुबूत की भी जरूरत है। थानेदार और सीओ मौके पर लोगों से बातचीत में ही गुंडागर्दी करने वाले की हकीकत जान जाते हैं।
ऐसी छोटी-मोटी घटनाओं से ही पुलिस की छवि पर असर पड़ता है। उन्होंने किसी भी घटना में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले पर भी गंभीर रवैया अख्तियार करते हुए वीडियो और फोटो के जरिए उपद्रवियों की शिनाख्त कर चिह्नित करने का निर्देश दिया। डीजीपी ने बताया कि अब ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत बवाल करने वालों से ही सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। आईजी जोन खुद इसकी मानीटरिंग करेंगे। कानून का राज होना चाहिए। अराजकता नहीं सहन होगी।
डीजीपी ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैयारी चल रही है। गड़बड़ी फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी ने जमीन विवाद के मामलों में पुलिस को रजिस्ट्री और दूसरे कागजात की बजाय खसरा खतौनी के आधार पर अवैध कब्जा का फैसला करना चाहिए। बाकी काम राजस्व कर्मियों को करने दिया जाए। निलंबित आईजी अमिताभ ठाकुर पर डीजीपी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उनकी जांच भी जारी है। वकील हत्याकांड में जेल में बंद दरोगा शैलेंद्र सिंह को वकील मुहैया कराने के सवाल को डीजीपी टाल गए।