सर्वदलीय गौ रक्षा मंच की ओर से बुधवार को माघ मेला प्रशासन पंडाल में गौ भक्तों ने गौ रक्षा का संकल्प दोहराया। बतौर अध्यक्ष काशी सुमेरूपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंदानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा की तर्ज पर गौरक्षा मंत्रालय का भी गठन किया जाना चाहिए। गंगा की अविरल धारा तभी बहेगी जब गौ हत्या रुकेगी। आज भारत गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक देश बना हुआ है। गौ हत्या रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।
शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि राम के देश में गौ गंगा को बचाने और राम मंदिर बनाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। सभी को गौपालन करना चाहिए। टीकरमाफी आश्रम के स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि संतों की अगुवाई में गौ रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयपाल नयाल सनातनी, स्वामी ब्रह्म स्वरूप, स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती ने भी अपनी बात कही।
सम्मेलन की शुरुआत मां कामाख्या संस्थान के संस्थापक संत संकर्षण एवं संतों ने की। स्वागत, अभिनंदन गौरक्षा मंच के राष्ट्रीय प्रचारक हरिमोहन पांडेय ने किया। इस दौरान आदि साधना पाठ के सचिव रमाशंकर शुक्ल को गौरत्न सम्मान और इलाहाबाद फाउंडेशन एवं सीता गौशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष शशांक शेखर पांडेय, हरिमोहन पांडेय को विशिष्ट गौ सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत महात्मा एवं गौ भक्त उपस्थित रहे।
माघ मेला क्षेत्र दंडी बाड़ा स्थित मठ मछली बंदर शिविर में अखिल भारतीय सनातन धर्म संघर्ष समिति की ओर से राम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की कामना से रामयज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्घाटन ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती करेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य कुशमुनि के मुताबिक माघ मेले में 10 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। 50 करोड़ हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया है जिसे पीएम मोदी को सौंपा जाएगा।