उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी के सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। प्राथमिक शिक्षकों ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। धरने का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने आज की शिक्षकों उमड़ी भीड़ ने दिखा दिया है कि यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो शिक्षक 16 मार्च को लखनऊ कूच करेंगे।
प्राथमिक शिक्षकों की प्रमुख मांगों को जिलामंत्री चिंतामणि त्रिपाठी ने पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पुरानी पेंशन, प्राथमिक शिक्षकों के खाली पद के अनुरूप प्रमोशन, शिक्षकों का गृह जनपद में स्थानांतरण, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को अध्यापक पद पर नियुक्ति, महानगर, नगर क्षेत्र में अध्यापकों की नियुक्ति, परिषदीय विद्यालयों में दूध का वितरण बंद कराने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा देने, शिक्षकों के पाल्यों को पूर्व की भांति बीएड एवं बीटीसी प्रवेश में वेटेज देने, खंड शिक्षाधिकारियों के कुल पदों पर परिषदीय शिक्षकों को पदोन्नति देने, सामूहिक बीमा की धनराशि पांच लाख करने, बच्चों की उपस्थिति की सूचना एसएमएस से बंद करने, नवनियुक्त शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर उन्हें वेतन जारी करने सहित 22 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
धरना प्रदर्शन में प्रांतीय मंत्री अर्चना मिश्रा, कंदर्प नारायण मिश्र, गोपी कृष्ण तिवारी, राम विशाल मिश्र, विनोद पांडेय, राजेश पटेल, मसूद अहमद, राजेंद्र कनौजिया, मनेाज सिंह, मुचकुंद मिश्र, अमर कुमार सिंह, राजेन्द्र कुशवाहा, शिव भूषण सिंह, हरित जैदली सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।