राज्य के मैदानी इलाकों में दो दिन हो रही बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से छुटकारा भले ही दिला दिया हो, लेकिन गंगा यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों के मुताबिक बारिश से गंगा और यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। जहां गंगा का जलस्तर बढ़कर फाफामऊ में 80.270 मीटर , छतनाग में 78.940 मीटर पहुंच गया, वहंीं यमुना का जलस्तर 78.330 मीटर के स्तर को छू गया है। अधिकारियों के मुताबिक सुबह आठ से सायं चार बजे के बीच गंगा के जलस्तर में 25 सेमी और यमुना के जलस्तर में 29 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी ओर नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही स्लूज गेट को एक बार फिर बंद कर दिया गया है।
दूसरी ओर स्लूज गेट बंद होने की स्थिति में बारिश के चलते अल्लापुर, मटियारा रोड, एमएल कान्वेंट, शिवनगर कालोनी जैसे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह के मुताबिक एहतियात के तौर पर स्लूज गेट बंद कर दिया गया है। बारिश के बाद जमा पानी पंप के जरिए गंगा में डाला जा रहा है। कंट्रोल रूम के जरिए दोनों नदियों के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
बोरिया बिस्तर समेटना शुरू नदियों के बढ़ते जलस्तर के चलते निचले इलाकों मसलन छोटा बघाड़ा, अशोक नगर, राजापुर, बेली, मेंहदौरी कालोनी, चांदपुर सलोरी, सदियापुर, चिल्ला के लोगों ने एक बार फिर बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है। ज्यादातर लोगों का कहना है कि उन्हें प्रशासन की चेतावनी का कतई इंतजार नहीं करना है। क्योंकि वह बाढ़ की विभीषिका पिछले कई साल से झेलने चले आ रहे हैं। रातोंरात न जाने कब पानी घरों में दाखिल हो और मुसीबत खड़ी हो जाय।