सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय में उपचार कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों पर शामत आ गई है। चिकित्सालय के दो सीनियर डॉक्टरों ने चिकित्सालय छोड़ दिया है। दोनों चिकित्सकों ने नोएडा में बनाए गए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ज्वाइन कर लिया है। सीनियर चिकित्सकों के जाने से चिकित्सालय में परेशानी शुरू हो गई है। संविदा पर तैनात प्रो. एचओडी का काम संभालना नहीं चाहते। मोती लाल नेहरू मेडिकल प्रशासन ने मजबूरी में बाल चिकित्सालय के जूनियर चिकित्सक को जिम्मेदारी सौंप दी है।
बाल चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह और वरिष्ठता क्रम में दूसरे नंबर पर डॉ. रुचि रॉय ने चिल्ड्रेन अस्पताल छोड़ दिया है। दोनों ने एक साथ नोएडा में राजकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को ज्वाइन किया है। इस बात की पुष्टि मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने की। प्राचार्य डॉ. सिंह के मुताबिक डॉ. डीके सिंह और डॉ. रुचि रॉय दोनों ने चिकित्सालय से तीन साल का लीऑन (ग्रहणाधिकार) लिया है। अब चिल्ड्रेन अस्पताल के विभागाध्यक्ष का चार्ज डॉ. अनुभा का सौंपा गया है। हालांकि विभागाध्यक्ष का चार्ज संविदा पर तैनात प्रो. एके श्रीवास्तव को सौंपा जाना था लेकिन अस्वस्थता के चलते उन्होंने चार्ज नहीं संभाला।
चिल्ड्रेन अस्पताल के विभागाध्यक्ष रहे डॉ. डीके सिंह और डॉ. रुचि रॉय दोनों पति-पत्नी हैं। डॉ. डीके सिंह विभागाध्यक्ष थे और डॉ. रॉय उनसे जूनियर दूसरे नंबर पर सीनियर चिकित्सक थीं। दोनों के अचानक चिकित्सालय छोड़ने से चिल्ड्रेन अस्पताल में परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं कि दोनों के स्थान पर नए चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल एक एसोसिएट प्रोफेसर की तलाश पूरी कर ली गई है। जल्दी ही वह ज्वाइन भी कर लेंगे।