शनिवार से सूरज और बादलों के बीच शुरू हुई जंग सोमवार को भी जारी रही। इन दोनों के बीच चल रही लड़ाई का फायदा उठाकर इस सीजन में अब तक हाशिये पर चल रहे पारे ने कड़ाई दिखाते हुए और गोता लगा अपनी ताकत का अहसास कराया। यह सब हुआ देश के उत्तरी हिस्से में छाए घने कोहरे और लगातार गिरते तापमान से जिसका असर जनपद के मौसम पर भी पड़ा। पश्चिमी हवाओं के लगातार चलने से तापमान एक डिग्री सेल्सियस और नीचे आ गया और नमी में चार फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बादलों ने दिन भर सूरज को छकाया और हल्की बूंदाबांदी भी की।
ठंड से बचने को लोग गर्म कपड़ों में मुस्तैद नजर आए। अधिकतर लोग बाहर निकलने से भी बचते रहे। इसके चलते सड़कों और बाजारों में आमतौर पर होने वाली चहल-पहल और दिनों के मुकाबले कम रही। देर शाम तक लोग अपना निपटाकर घरों में कैद हो गए। कमरे में गर्मी बनाए रखने के लिए हीटर, ब्लोअर चलाए रखा। इससे शहर में बिजली की भी मांग बढ़ गई।
शहर के तापमान में तीन दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। तीन दिनों में कुल 14 डिग्री सेल्सियस तापमान नीचे आया है। दिन और रात के तापमान में अंतर कम हो गया है। सोमवार को दिन का तापमान अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर आ गया। हालांकि रात के तापमान में बहुत गिरावट नहीं दर्ज की गई। रात का तापमान सोमवार को एक दिन पहले के मुकाबले 0.1 डिग्री गिरकर 8.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री रिकार्ड किया गया।
तापमान में गिरावट के साथ नमी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकतम नमी अब तक के सबसे उच्चतम 98 फीसदी पर पहुंच गई जबकि न्यूनतम नमी तीन फीसदी बढ़कर 79 पर पहुंच गई। तापमान में कमी और नमी में बढ़त से सोमवार का दिन सबसे अधिक ठंडा रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को ठंड और बढ़ेगी।
ठंड ने अभी अपनी रफ्तार पकड़ी ही है कि लोग इसकी चपेट में आकर दम तोड़ने लगे हैं। माघ मेले में जहां किसान यूनियन (टिकैत) के शिविर में राजस्थान के भरतपुर जिले से आए अमर सिंह की मौत हो गई थी वहीं सोमवार को शंकरगढ़ ब्लाक के कचरा गांव के किसान अशोक कुमार पांडेय (50) और करछना के सज्जन लाल चौरसिया (64) की और मौत हो गई। दिन में ठंड अधिक पड़ने से एजी ऑफिस के पास स्थित एक स्कूल के बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ गए। बच्चों को उपचार के लिए अभिभावक अस्पताल लेकर गए।
कोल्ड डायरिया की चपेट में आने से 20 से अधिक लोगों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन, चिल्ड्रेन और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया। कई लोगों के दिल और दिमाग को झटके भी लगे। चिल्ड्रेन अस्पताल के एचओडी डॉ. डीके सिंह कहते हैं कि ठंड में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है। बच्चे और बुजुर्ग जिस कमरे में हों उसे गर्म रखा जाए और उन्हें पूरी तरह से गर्म कपड़ों में ढककर रखें। सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। खाने में शरीर को गर्म रखने वाली चीजों का इस्तेमाल करें।