व्यावसायिक भवनों में ग्रीनरी, वाटर रिचार्ज और पार्किंग की व्यवस्था न होने पर नगर निगम की ओर से लगाए गए प्रमोशनल सरचार्ज में फिलहाल राहत दे दी गई है। ऐसे भवनों से प्रमोशनल सरचार्ज अगले वित्तीय वर्ष में वसूला जाएगा। शनिवार को महापौर की अध्यक्षता में पार्षदों के साथ हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। महापौर ने नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को बैठक में बुलाकर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
ऐसे व्यावसायिक भवन जिनमें पेड़ नहीं लगे हैं, भूजल रिचार्ज के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाए और पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं की गई है, नगर निगम ने उन भवनों के वार्षिक मूल्यांकन पर दो फीसदी टैक्स की बढ़ोतरी कर दी है। जिन भवनों में इसकी व्यवस्था है, उनके वार्षिक मूल्यांकन में प्रमोशनल रिबेट के तहत दो फीसदी की छूट भी दी जा रही है। नगर निगम ने प्रमोशनल शुल्क वर्तमान वित्तीय वर्ष से वसूलने के लिए बिल जारी किए हैं। कुछ पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि ज्यादातर पार्षद प्रमोशनल शुल्क के पक्ष में हैं। जो पार्षद प्रमोशनल शुल्क का समर्थन कर रहे हैं, वे उसमें कुछ राहत भी चाह रहे हैं।
इसके मद्देनजर पर पार्षद बैठक की मांग कर रहे थे। इसी क्रम में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बैठक बुलाई। इसमें प्रमोशनल टैक्स को वर्तमान वित्तीय वर्ष से न लगाकर अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने, छूटे व्यावसायिक भवनों का तत्काल सर्वे कराके टैक्स के दायरे में लाने, जारी हो चुके व्यावसायिक बिलों पर 10 प्रतिशत छूट और उसके लिए एक माह का समय देने, सभी जोन कार्यालयों में कैंप लगाकर आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का टैक्स जमा कराने तथा उनका स्वकर निर्धारण फॉर्म जमा कराने एवं इसके लिए समुचित प्रचार-प्रसार कराने का निर्णय लिया गया।