माघ मेले के पहले स्नान पर्व पर जिला प्रशासन ने भले ही 30 लाख श्रृद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया हो लेकिन रेलवे स्टेशन और रोडवेज स्टेशन पर पसरे सन्नाटे ने कुछ और ही तस्वीर बया कर दी। आलम ये रहा कि माघ मेले के पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति पर आम दिनों के मुकाबले काफी कम रेल टिकट इलाहाबाद जंक्शन और प्रयाग से बिके। रोडवेज बसों का भी यही हाल रहा। अन्य दिनों के मुकाबले इलाहाबाद परिक्षेत्र की बसों को महज पांच फीसदी ही ज्यादा यात्री मिले।
माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व मकर संक्रांति के मद्देनजर रेलवे के साथ रोडवेज ने इस बार व्यापक तैयारी पहले की। भीड़ के मद्देनजर रेलवे ने प्रमुख स्नान पर्व के एक दिन पहले और एक दिन बाद सिविल लाइंस साइड से जंक्शन में प्रवेश के सभी रास्तों पर रोक भी लगा दी। इस बार मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मना लेकिन इन दोनों ही दिन इलाहाबाद जंक्शन, प्रयाग आदि रेलवे स्टेशनों पर अन्य दिनों जैसी ही भीड़ रही। रेलवे की टिकट बिक्री का भी ग्राफ गिर गया।
आम दिनों में इलाहाबाद जंक्शन पर औसतन 24 से 25 हजार टिकट की बिक्री होती है लेकिन मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को जंक्शन पर टिकट बिक्री का आंकड़ा गिर कर 17 हजार के आसपास आ गया। 15 जनवरी की शाम छह बजे तक महज 11 हजार टिकट ही जंक्शन से तमाम स्थानों के बिके। यही हाल प्रयाग स्टेशन पर भी रहा। यहां हर रोज औसतन 4500 टिकट की बिक्री होती है लेकिन 14 जनवरी को यहां 3637 टिकट ही बिके, जबकि 15 जनवरी को भी यह आंकड़ा चार हजार को पार नहीं कर सका। उधर रोडवेज की बात करें तो मेला अवधि में रोडवेज ने 2000 बसें चलाने की तैयारी की है।
लेकिन स्नान पर्व के पहले दिन 40 और दूसरे दिन महज 20 अतिरिक्त बसें ही बाहर से आई। इतना ही नहीं रोडवेज की कमाई में भी कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। रोडवेज के इलाहाबाद परिक्षेत्र को इन दो दिनों में अन्य दिनों के मुकाबले सिर्फ पांच फीसदी ही ज्यादा यात्री मिले।
माघ मेले के स्नान पर्व मकर संक्रांति के दिन इलाहाबाद जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ कम होने की वजह से शुक्रवार को सिविल लाइंस साइड से रेल प्रशासन ने यात्रियों के लिए दो प्रवेश द्वार खोल दिए। हालांकि इन प्रवेश द्वारों से सिर्फ पैदल जाने वाले यात्रियों को ही प्रवेश दिया गया। सिविल लाइंस साइड से किसी भी वाहन का प्रवेश नहीं दिया गया। रेलवे की इस व्यवस्था से आम यात्रियों को आज खासी राहत मिली।
इसके पूर्व सुबह के समय किसी को भी सिविल लाइंस साइड से जंक्शन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ बिजय कुमार ने बताया कि स्नान पर्व के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर ही जिला प्रशासन ने सिविल लाइंस साइड से जंक्शन पर प्रवेश के लिए रोक लगाने का आदेश जारी किया था।