मकर संक्रांति के पुण्यकाल में शुक्रवार को संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। संक्रांति के साथ पुण्यकाल की शुरुआत से ही घाटों पर स्नानार्थियों का जुटना आरंभ हुआ और यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। साफ मौसम में शाम तक कल्पवासियों सहित लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया लेकिन प्रशासन ने कई गुना ज्यादा, तीस लाख श्रद्धालुओं के स्नान का दावा किया है। मकर संक्रांति से शुरुआत करने वालों ने पुण्यकाल में डुबकी के साथ कल्पवास का संकल्प लिया।
वहीं बतौर ज्योतिष्पीठाधीश्वर मेले में जमीन और सुविधाएं न मिलने पर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने स्नानपर्व का बहिष्कार किया। घाटों पर सुरक्षा बलों के साथ ही नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवक तैनात रहे। श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र सहित शहर में भी विभिन्न स्थानों पर जगह-जगह चाय और खिचड़ी के स्टाल लगाए गए थे।