फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शब्द-शब्द बयां हुई बिटिया की बात

Sat, 16 Jan 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बिटिया की विविधतापूर्ण छवियों और संवेदना के सरोकारों की अनुगूंज से शुक्रवार को हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार समृद्ध हुआ। अंजुमन प्रकाशन और कैलाश गौतम सृजन संस्थान की ओर से आयोजित समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी ने जानेमाने कवि राजेश कुमार के दोहा संग्रह ‘बिटिया तुलसी दूब है’ का लोकार्पण किया और बिटिया पर केंद्रित दोहों को सराहा। कहा, यह पुस्तक नहीं आश्चर्य है। दोहा संप्रेषण की संपूर्ण विधि है और इसके माध्यम से राजेश ने बिटिया से जुड़े हर रूप, संदर्भ को बखूबी रेखांकित किया है। राजेश की यह पहल बेटियों को बचाने, पढ़ाने में सहायक होगी।
विज्ञापन


बतौर अध्यक्ष वरिष्ठ शायर बुद्धिसेन शर्मा ने कहा, दोहों की वापसी सुखद है। राजेश ने जिस विविधता केसाथ बिटिया को याद किया है, वह अद्भुत और सराहनीय है। उन्होंने पूरे मन से बिटिया की हर बात कही है। वरिष्ठ कवि शैलेंद्र कपिल ने बेटी कविता सुनाकर उन्हें अवसर देने की बात कही। वरिष्ठ रंगनिर्देशक डॉ.अनुपम आनंद ने कहा, ये दोहे दिल को छूने और लोगों की जुबान पर चढ़ने वाले हैं। वरिष्ठ कवयित्री मीनूरानी दुबे ने अपनी बिटिया कविता के माध्यम से बेटियों को याद किया और ऐसे ही सरोकारों से जोड़ने के लिए राजेश को सराहा।
शुरुआत में हिन्दुस्तानी एकेडेमी के कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने कहा, राजेश की रचनाएं जीवन से जोड़ती हैं। एक विषय के विविध आयाम सहेजना सुखद है।

कवि राजेश ने भी दोहों से अजन्मी बेटियों का दर्द उकेरा। संचालक सुपरिचित कवि डॉ.श्लेष गौतम ने कहा, बेहद सार्थक और समर्थ हस्तक्षेप के साथ संस्कार और सरोकार का संगम है यह दोहा संग्रह। श्रीमती शशि श्रीवास्तव ने भी दोहों को सराहा। स्वागत मनीष श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन सुधीर श्रीवास्तव ने किया।कैलाश गौतम सृजन संस्थान की ओर से उल्लेखनीय योगदान के लिए रंगकर्म में वरिष्ठ रंगकर्मी निशांत सक्सेना और समाजसेवा में प्रणवेश तथा अग्निवेश को राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने शाल ओढ़ाकर और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन

तकरीबन 45 वर्ष की उम्र में रचनात्मक से पूरी सक्रियता से नाता जोड़ने वाले राजेश कुमार कहते हैं, व्यक्ति में अगर रचनात्मकता हो तो उम्र मायने नहीं रखती। ‘बिटिया तुलसी दूब है’ से पहले उनकी एक और किताब ‘आंच पर सवाल’ आ चुकी है। सिनेमा से भी नाता रखने वाले राजेश फिलहाल फिल्म ‘लव स्क्वॉयर’ के निर्देशन और ‘जब तुम कहो’ तथा ‘कूटनीति’ के प्रोडक्शन से जुड़े हैं।। इस वक्त वह फिल्म ‘लव स्क्वेयर’ का निर्देशन और ‘जब तुम कहो’ और ‘कूटनीति’ फिल्मों को प्रोडक्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें