रविवार को नगर निगम द्वारा चलाये गए अतिक्रमण अभियान में मुट्ठीगंज में खूब बवाल हुआ। यहां नाले नालियों से अतिक्रमण हटाने गए नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते पर स्थानीय लोगों ने पथराव कर दिया। लोगों के पथराव से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरुण कुमार, जोनल अफसर शरवेंदु समेत आधा दर्जन कर्मचारी घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ लिया। बाद में निगम के अतिक्रमण दस्ते ने मुट्टीगंज छोटा चौराहा से गाजीगंज मंडी होते हुए रामभवन चौराहे तक अभियान चलाया। उधर लोगों का आरोप है कि निगम कर्मी अपनी मनमानी पर उतारू थे। जहां अतिक्रमण नहीं था वे उसे भी ध्वस्त कर देना चाह रहे थे।
मुट्ठीगंज में गाजीगंज मंडी एवं कुछ अन्य इलाकों में नाले नालियों पर कब्जे की वजह से वहां आये दिन जलभराव हो जा रहा था। बताया जा रहा है कि यहां नाले-नालियों के कब्जे की वजह से निगम प्रशासन उसकी सफाई भी नहीं करवा पा रहा था। इस समस्या को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने यहां रविवार को अतिक्रमण अभियान चलाया। नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय की मौजूदगी में सुबह नौ बजे अतिक्रमण अभियान मुट्ठीगंज छोटा चौराहा से शुरू हुआ। सुबह सवा दस बजे के आसपास गाजीगंज मंडी के पास नाले-नालियों से अतिक्रमण हटाने के विरोध में एक पूर्व पार्षद रामबाबू अग्रहरि के नेतृत्व में वहां काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते में शामिल लोगों से झड़प हो गई। लोगों ने निगम के दस्ते में पथराव कर दिया।
इस दौरान जोनल अफसर शरवेंदु सिंह को लोगों ने धक्का दे दिया। वह वहीं पानी में गिर गए। इतना ही नहीं उनकी पीठ पर भी किसी ने पत्थर मार दिया। इसके अलावा सफाई इंसपेक्टर सतीश चंद्र यादव, सफाई नायक अर्जुन, मिथलेश समेत आधा दर्जन कर्मचारी भी पथराव में घायल हो गए। लोगों ने निगम दस्ते में शामिल वाहनों में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर पहुुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ लिया। इसके बाद निगम के दस्ते ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर से शुरू की। दोपहर तीन बजे के बाद निगम का दस्ता रामभवन चौराहे के पास कार्रवाई कर रहा था तो लोगों ने एक बार फिर से निगम के दस्ते पर हमला बोल दिया। यहां पथराव भी किया गया। इससे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अरुण कुमार एवं तेजपाल नाम का कर्मचारी घायल हो गया। दिन भर चले अभियान के दौरान नाले नालियों से अतिक्रमण हटाने के साथ तमाम टीन शेड, लकड़ी के टट्टर, कई पक्के चबूतरे आदि नगर निगम के दस्ते ने ध्वस्त किए। थानाध्यक्ष मुट्ठीगंज सत्यपाल सिंह का कहना है कि इस मामले में देर शाम तक नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।