माघ मेला क्षेत्र में आस्था की नगरी बसाने आए संतों के शिविरों में मकर संक्रांति से माघी पूर्णिमा तक अन्नक्षेत्र चलेगा। इन दिनों मेले में आने वाले के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। खाकचौक दंडीबाड़ा, त्रिवेणीरोड, काली सड़क, संगम मार्ग आदि मार्ग पर लगने वाले संतों के शिविरों में अन्नक्षेत्र चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कई धार्मिक संस्थाओं की ओर से मेन्यू भी तय कर लिया गया है।
खाक चौक के त्यागी संतों के शिविरों में भंडारा प्रसाद के लिए व्यापक तैयारी की गई है। सुबह शाम भोजन प्रसाद के लिए टैक्टरों से आटा, दाल चावल लाया गया है। मुंडेरा मंडी और बक्शी बांध पर लगने वाली मंडी से सब्जी खरीदी जाएगी। अष्टावक्र नगर खालसा के महंत एवं खाक चौक व्यवस्था समिति के पूर्व महामंत्री स्वामी जयरामदास बताते हैं कि खाक चौक में अन्नक्षेत्र चलाने की परंपरा पुरानी है। साल भर में जो भी एकत्र होता है उसे संगम तट पर वितरित करने ही त्यागी संत आते हैं।
अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम कहते हैं कि अलग-अलग दिनों में अलग भोजन प्रसाद दिया जाएगा।