शांतिपुरम कॉलोनी में सोमवार दोपहर बाद एडीए के दस्ते द्वारा अतिक्रमण करार देकर तीन छोटे मंदिर तोड़ने से नाराज लोगों ने बवाल कर दिया। मंदिर तोड़ने के विरोध में चक्काजाम के दौरान पथराव के जवाब में आरएएफ ने लाठीचार्ज और फायरिंग की तो बेकाबू भीड़ ने खूब उत्पात किया। रोडवेज की एक बस और तमाम गुमटियां जला दीं। तोड़फोड़ में कई बसों समेत तमाम गाड़ियों को खासा नुकसान पहुंचा।
पथराव में आरएएफ के कई जवान जख्मी हुए तो रबर बुलेट से फायरिंग तथा लाठीचार्ज में तमाम लोग घायल हुए। आरएएफ के साथ ही शहर और देहात से भारी पुलिस फोर्स को बुलाकर स्थिति संभाली गई। देर रात तक पुलिस फोर्स इलाके में गश्त करती रही। इस घटना से कई किलोमीटर के क्षेत्र में अफरातफरी मची रही। चक्काजाम से लखनऊ, प्रतापगढ़ सहित कई जिलों को जाने वाले वाहन घंटों फंसे रहे। लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
एडीए का दस्ता सोमवार दोपहर दो बजे जोनल अधिकारी आलोक पांडेय के नेतृत्व में फाफामऊ की शांतिपुरम कॉलोनी पहुंचा। कुछ गुमटियां हटाने के बाद दस्ते के जेसीबी ने सड़क किनारे अलग जगहों पर स्थित दो छोटे मंदिर तोड़ दिए। दस्ता गद्दोपुर गांव में लखनऊ रोड किनारे तीसरा मंदिर तोड़ने पहुंचा तो जेसीबी में कुछ खराबी आ गई। दस्ता यहां से लौटा तभी मंदिर तोड़ने की खबर पाकर हिंदू संगठनों के तमाम लोग वहां पहुंच गए। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री पवन श्रीवास्तव, विहिप मठ-मंदिर विभाग के जिला प्रमुख शिवम द्विवेदी, बजरंग दल के सह संयोजक विजय पांडेय ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मंदिर तोड़ने का विरोध करते हुए शांतिपुरम में चक्काजाम कर दिया।
उन्होंने कहा कि सेक्टर ए में एसटीपी की जमीन पर बने धर्मस्थल को भी तोड़कर हटाया जाए वरना मंदिर वहीं बनाया जाएगा। भीड़ में आक्रोश देख गंगापार के लगभग सभी थानों की फोर्स के साथ ही आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की भी टीम बुला ली गई। भीड़ बढ़ती गई और पथराव होने लगा तो एसडीएम सोरांव दुर्गाशंकर गुप्ता ने आरएएफ के सहायक कमांडेट अलख शुक्ला को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लिखित अनुमति दी। आरएएफ ने पहले तो समझाने की कोशिश की फिर बेकाबू भीड़ पर पुलिस के साथ मिलकर लाठीचार्ज कर दिया।
भीड़ ने पथराव तेज किया तो आरएएफ ने रबर बुलेट से फायरिंग कर दी। बौखलाए लोग वहां से भागे तो रास्ते में जो भी मिला उसे तहस-नहस करने पर आमादा हो गए। गद्दोपुर धर्मकांटा के पास भीड़ ने लखनऊ से इलाहाबाद आ रही रोडवेज बस रोककर उसमें आग लगा दी। कुछ ही देर में बस धू-धूकर जलने लगी। भीड़ ने कई बसों और कारों को तोड़ डाला। राहगीरों को पीटा और एक दर्जन से ज्यादा बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। कई गुमटियों को भी आग के हवाले कर दिया। भीड़ जिधर भी गई उधर तबाही मचा दी। तमाम दुकानों को भी खासा नुकसान पहुंचाया। शाम को एसएसपी केएस इमैनुएल कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ पहुंचे तो दूर-दूर खड़े होकर हंगामा कर रहे उपद्रवियों को खदेड़ा गया। पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। कई लोगों समेत आरएएफ-पीएसी के जवान जख्मी हुए।