तेरहवीं में शामिल होने जा रहे बाइक सवार युवकों ने बेकाबू बस ने रौंद दिया। रविवार दोपहर नैनी के मामा-भांजा तालाब के पास हुई घटना के बाद अफरातफरी मच गई। चालक मौके से बस छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर नैनी पुलिस पहुंची। पुलिस घायल युवकों को एसआरएन ले गई। जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरी के हालत की नाजुक बनी है। हादसे की खबर घरवालों को मिली तो कोहराम मच गया। दोनों चचेरे भाई हैं।
मूल रूप से कौशाम्बी के दाई का पूरा गांव का राजेश द्विवेदी (40) पुत्र अमृत लाल द्विवेदी और उसका चचेरा भाई धर्मेंद्र द्विवेदी उर्फ पप्पू(35) पुत्र स्व शिव भवन द्विवेदी दोनों धूमनगंज के राजरूपपुर मोहल्ले में किराये का कमरा लेकर रहते हैं। राजेश दो भाईयों में बड़ा है। छोटा भाई एक अखबार में स्थानीय संवाददाता है। राजेश का एक बेटा सूरज (16), बेटी राखी(10), ज्योति(7)व पत्नी ममता है। वहीं धर्मेंद्र का एक बेटा नारायण व बेटी आंचल(4), काजल(6)साल व पत्नी बिट्टू हैं। दोनों पुरोहित का काम करते हैं।
रविवार दोपहर राजेश और धर्मेंद्र एक रिश्तेदार के यहां घूरपुर तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे। मामा-भांजा तालाब के पास उनकी बाइक में बेकाबू बस ने टक्कर मार दिया। टक्कर लगते ही राजेश और धर्मेंद्र बाइ से छिटक कर सड़क पर गिरे। हादसे के बाद आसपास के लोग भागकर पहुंचे। घायलों को उठाकर किनारे किया। खून से लथपथ दोनों की हालत नाजुक थी। सूचना पर नैनी पुलिस पहुंची।
घायलों को एसआरएन अस्पताल ले गई। एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान धर्मेंद्र उर्फ पप्पू की मौत हो गई। हादसे की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। रोते बिलखते घरवाले एसआरएन पहुंचे तो धर्मेंद्र का शव और राजेश को इस हाल में देखकर उनकी आंखों से आंसू निकल आया। वहीं डॉक्टरों के मुताबिक राजेश की हालत नाजुक है।