खाक चौक के दो गुटों में टकराव के बीच सोमवार को मेला क्षेत्र में संस्था के साधु-संतों को जमीन का बंटवारा कर दिया गया। एक गुट का नेतृत्व कर रहे माधवदास आवंटन पूरा होने के बाद मौके पर पहुंचे। जमीन बंट चुकी थी, सो विवाद टल गया लेकिन दोनों गुटों के बीच तनातनी की स्थिति बरकरार है। माधवदास और उनके गुट के संतों ने मेले में शिविर न लगाने का निर्णय लिया है। मेले में मंगलवार से प्रयागवाल सभा को जमीन का बंटवारा शुरू किया जाएगा। प्रयागवाल सभा भी कई गुटों में बंटी हुई है, सो तीर्थ पुरोहितों को भूमि आवंटन के दौरान भी विवाद की आशंका बनी हुई है।
मेला प्रशासन की ओर से सोमवार सुबह खाक चौक को 133 बीघा जमीन का आवंटन शुरू किया गया। इस दौरान मौके पर दूसरे गुट का नेतृत्व कर रहे सतुआ बाबा सहित दर्जनों साधु-संत मौजूद थे। अफसरों को आशंका थी कि माधवदास वहां पहुंचे तो दोनों गुटों के बीच टकराव हो सकता है, सो मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। फोर्स की मौजूदगी में दोपहर तक संस्था को जमीन का बंटवारा कर दिया। आवंटन प्रक्रिया पूरी होते-होते माधवदास भी मौके पर पहुंच गए। दोनों गुटों का आमना-सामना हुआ लेकिन फोर्स की मौजूदगी के कारण शांति बनी रही।
भूमि बंटवारे के बाद माधवदास ने अपने गुट के साधु-संतों के साथ बैठक की। माधवदास का कहना है कि वह और उनके गुट के संत मेले में शिविर नहीं लगाएंगे। उन्होंने जमीन बंटवारे में प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा, उनकी जमीन किसी और को दे दी गई। ऐसा कई संतों के साथ हुआ। फिलहाल प्रशासन ने खाक चौक को लिखापढ़ी में जमीन आवंटित कर एक विवाद का निपटारा कर दिया। सुविधा पर्ची 30 दिसंबर से बांटी जाएगी। मंगलवार से प्रयागवाल सभा को भूमि आवंटित की जाएगी।