प्रभु यीशु के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुक्रवार को मसीही घरों और शहर के विभिन्न चर्चों में उल्लास का माहौल रहा। परमेश्वर पुत्र के आने की खुशी से लबरेज मसीही सुबह विशेष प्रार्थना के लिए चर्च पहुंचे और एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। ‘मैरी क्रिसमस’ से गिरजाघर गूंजते रहे। सेंट जोसेफ कैथिड्रल, ऑल सेंटस कैथिड्रल, जमुना चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट पीटर्स, कटरा चर्च, होली ट्रिनटी चर्च, सेंट पॉल चर्च, चौक चर्च आदि में सुबह नौ बजे विशेष प्रार्थना हुई। गिरजाघर के आसपास मेले का माहौल रहा। सेंटाक्लाज लोगों को उपहार देते रहे। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के चेहरे खुशी से चमकते रहे।
सेंटस जोसेफ कैथिड्रल में विशेष प्रार्थना में पल्ली पुरोहित फादर फ्रांसिस ने परमेश्वर पुत्र के आने की बधाई दी और नया साल सभी के लिए मंगलमय होने की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि दुखी मानवता के उद्धार की खातिर परमेश्वर ने अपने पुत्र को धरती पर भेजा है, हम सभी को उसके बताए मार्ग पर चलकर ही शांति मिलेगी। इस अवसर पर बाइबिल के प्रमुख अंश पढ़े गए। जरूरत मंद लोगों के लिए आफॅरिंग भी की गई। जिसमें लोगों ने स्वेच्छा से दान किया। ऑल सेंट्स कैथिड्रल में आयोजित विशेष प्रार्थना में रेव्हरेंड गेब्रिएल दाउद ने आशीर्वचन में सर्वमंगल समृद्धि और सुख शांति की कामना की।
म्योराबाद स्थित सेंट पीटर्स चर्च में पादरी प्रवीण मैसी ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके आगमन के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने प्रभु के बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया। म्योराबाद चर्च ग्राउंड पर फुल वर्शिप असेंबली ऑफ गॉड चर्च के विश्वासियों ने नृत्य, नाटिकों और गीतों के जरिए प्रभु के जन्म के उत्सव की खुशियों को बांटा। मुख्य वक्ता एफडब्लूएजी के संस्थापक एवं वरिष्ठ पास्टर बिशप रेव्ह. डैनियल मसीह ने प्रेम का संदेश दिया।
कार्यक्रम में रेव्ह. प्रकाश मसीह, पास्टर विरेंद्र, पास्टर नीरज कुमार, पास्टर कमल जोगी, आयोजक भानू प्रताप सिंह पार्षद पुष्पा कुशवाहा आदि मौजूद रहीं। गिरजाघरों में सुबह से देर शाम तक लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हर वर्ग के लोगों ने मुरादें पूरी होने के लिए मोमबत्तियां जलाईं। चर्च के आसपास मेले का मौहाल रहा। जिसमें लोगों ने बढ़ चढ़ कर खरीदारी की। दुकानों पर लोग क्रास, सलीब और क्रिसमस ट्री आदि खरीदते रहे।
सेंट जोसेफ कालेज मैदान पर शुक्रवार को तीन दिवसीय क्रिसमस मेला भी शुरू हुआ। इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप राफी मंजली ने मेले का उद्घाटन किया। क्रिसमस मेले में बाउंसी, काररेस, फिश व्हील, चरखी और झूले सभी को लुभाते रहे। मेले में मौजूद खाने-पीने की एक से बढ़कर एक वैरायटी का लुुत्फ लेने में भी लोग पीछे नहीं रहे। मेले में हॉट डाग से लेकर पिज्जा तक का स्वाद लोग लेते रहे। ऊंट की सवारी का मजा लेने में बच्चों के संग बड़ों तक सभी शामिल रहे। ऊंट की सवारी के लिए सभी लाइन लगाकर अपने नंबर का इंतजार करते रहे। मेले में कॉस्मेटिक, साज सजावट, आर्टिफिशियल फ्लावर, कपड़ों आदि के स्टालों पर सभी ने खूब खरीदारी की।
मेले में जादूगर जबर अपने जादुओं से बच्चों और बड़ों सभी का दिल जीता। प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित दृश्यावलियों की आकर्षक झांकि.यां भी सजाई गई थीं। प्रदर्शनी में यीशु के जीवन प्रसंगों सहित बाइबिल के कई संस्करण भी शामिल किए गए थे। मेले में लकी ड्रॉ निकाले गए। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मेला संयोजक फादर रॉल्फी डिसूजा के मुताबिक मेले का समापन 27 दिसंबर को होगा।