औद्योगिक क्षेत्र के पिपरांव में शनिवार शाम हुए दोहरे कत्ल की घटना में एक और आरोपी पवन सिंह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पता चला है कि उसने खुद ही घर से फोनकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। वह इस घटना में मारे गए प्रापर्टी डीलर संतोष सिंह उर्फ संतू का भाई और मुकदमे का वादी है। उसने भी पूछताछ में पुलिस को कई जानकारी दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसने पुलिस से कहा है कि घटनास्थल पर वह अपने भाई के साथ था। कोई और गोलीबारी में शामिल नहीं था जबकि दूसरी तरफ से प्रधान के कत्ल में कई लोगों को नामजद किया गया है।
पिपरांव में शनिवार शाम प्लाटिंग के झगड़े में ताबड़तोड़ फायरिंग में प्रापर्टी डीलर संतोष उर्फ संतू तथा चटकहना के प्रधान विजय तिवारी की मौत हो गई थी। संतू के भाई पवन और प्रधान के भाई देवेश उर्फ मंटू ने एक-दूसरे के खिलाफ नामजद केस लिखाया। दोनों तरफ के मुकदमे के वादी भी वांछित होने की वजह से फरार हो गए। प्रधान के भाई मंटू की ओर से दर्ज मुकदमे में पवन के साथ ही पूर्व ब्लाक प्रमुख चाका दिलीप मिश्र को भी नामजद किया गया कि वह फायरिंग में शामिल थे। बृहस्पतिवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मारे गए संतू के भाई पवन को घर से पकड़ लिया। हालांकि पता चला है कि पवन ने खुद पुलिस को बुलाकर सरेंडर किया है।
उसे थाने ले जाकर सीओ करछना और औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने घटना के बारे में लंबी पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पवन ने भी कहा कि वह भाई संतू के साथ था तभी विजय तिवारी और उनके भाई मंटू समेत कई लोग आए। झगड़े के बाद गोलियां चलीं। वह किसी तरह भागकर जान बचा सका। पवन ने कहा कि घटनास्थल पर उसकी तरफ से दिलीप मिश्र या कोई भी और नहीं था। पुलिस यही जांच कर रही है कि पवन और संतू के साथ और कौन लोग थे लेकिन अब तक किसी और की मौजूदगी साबित नहीं हो सकी है। इस बारे में इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र राजेश सिंह ने रात करीब साढ़े आठ बजे कहा कि अभी पवन से पूछताछ हो रही है।