ग्रेटर नोएडा के दादरी गांव में किसानों की अधिग्रहीत भूमि हो रहे सड़क और फ्लाईओवर निर्माण का हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेगी। सोमवार को अदालत के समक्ष प्रोजेक्टर के जरिए विवादित स्थल की तस्वीरें प्रस्तुत की गईं। इसे देखने के बाद अदालत ने निर्णय लिया कि 26 दिसंबर को वह स्वयं दादरी पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान ग्रेटर नोएडा के मुख्य अधिशासी अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारियों, इंजीनियरों और याची को 26 दिसंबर को दोपहर साढ़े 11 बजे मौके पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
वीरेंद्र गर्ग सहित दर्जनों किसानों की याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी और न्यायमूर्ति शशिकांत की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि फ्लाई ओवर और लिंक रोड निर्माण के लिए 2010 में भूमि अधिग्रहीत की गई थी। अधिग्रहण के समय यह समझौता हुआ था कि सरकार या प्राधिकरण किसानों को अधिग्रहीत भूमि के एवज में दूसरे स्थान पर उतनी ही भूमि देगी। इसके बाद किसानों को न तो जमीन का मुआवजा मिला और न ही बदले में भूमि दी गई। सड़क और फ्लाई ओवर नेशनल हाईवे 19 को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। यह दादरी में स्थित चिल्ड्रेन स्कूल के पास से बन रहा है।
कोर्ट के समक्ष प्रोजेक्टर के माध्यम से मौके की तस्वीरें प्रस्तुत की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि खंडपीठ मौके पर जाकर स्वयं निरीक्षण करेगी। याचिका पर चार जनवरी को अगली सुनवाई होगी।