यमुनापार में इरादतगंज फ्लाईओवर पर सोमवार शाम बेकाबू ट्रक ने बाइक को चपेट में ले लिया। बाइक ट्रक में फंसकर लगभग सौ मीटर तक घसीटती हुई चली गई। हादसे में बाइक सवार दंपति समेत तीन की मौके पर ही मौत हो गई। चालक कुछ दूर पर ट्रक छोड़कर भाग निकला। मृतकों में एक पास मिले वोटरआईडी से शिनाख्त के बाद घरवालों को सूचना दी गई तो कोहराम मच गया। रोते बिलखते घरवाले घटनास्थल से एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश था। मौके पर एसपी यमुनापार और सीओ करछना भी पहुंचे।
करछना के खाईं गांव का संतोष विश्वकर्मा (38) कारपेंटर था। उसकी ससुराल घूरपुर के लोंदरा बुनावा गांव में थी। संतोष के मामा का बेटा महेश उर्फ लल्ला (28) निवासी पनासा, करछना मुंबई में रहकर बढ़ई का काम करता था। पंचायत चुनाव में उसकी मां ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थीं। जिसके चलते वह गांव आया हुआ था। महेश सोमवार सुबह संतोष के घर आया था। संतोष पत्नी राधा देवी (35) के साथ अपनी ससुराल जा रहा था। महेश भी उनके साथ हो लिया। तीनों एक ही बाइक से घूरपुर के लोंदरा गांव पहुंचे। वहां मिलने और भोजन करने के बाद तीनों घर के लिए निकले। रास्ते में वे बादलगंज में रिश्तेदार लल्लू विश्वकर्मा घर भी पहुंचे। वहां से तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे।
बाइक महेश चला रहा था। इरादतगंज फ्लाईओवर के पास महेश एक ट्रक को ओवरटेक करने लगा। तभी सामने से तेज रफ्तार ट्रक आ गई। ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मारी और बाइक ट्रक में फंसकर सौ मीटर तक घसीटते हुए चली गई। टक्कर के बाद संतोष, महेश और राधा सड़क पर गिरे। इधर चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। आसपास के लोग पहुंचे तो तीनों खून से लथपथ सड़क पर पड़े थे। महेश की सांस चल रही थी लेकिन जब तक उसे अस्पताल ले जाने का इंतजाम किया जाता, उसने भी दम तोड़ दिया। सड़क पर तीन लोगों के शव देख लोगों की रूह कांप गई। सैकड़ों की संख्या में भीड़ जुट गई। सूचना पर घूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। महेश के जेब से मिले वोटर आईकार्ड से उसकी शिनाख्त हुई। तब घरवालों को खबर दी गई। संतोष के ससुराल वाले भी सूचना पाकर आ गए।