ठंड ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। चार दिन में न्यूनतम पारा चार डिग्री नीचे चला आया है। शीतलहर चलने से रात होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और सेहत के लिए भी ठंड खतरनाक हो गई है। ठंड के कारण मंगलवार को जिले में चार लोगों की जान चली गई। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी। ठंड के कारण बीमार पड़े लोगों की अस्पतालों की ओपीडी में भीड़ लगी रही।
अधिकतम तापमान तो लगभग स्थिर बना हुआ है लेकिन न्यूनतम पारे में तेजी से गिरावट आ रही है। चार दिन पहले 12 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो मंगलवार (15 दिसंबर) को घटकर 7.7 डिग्री पर आ गया जबकि अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम पारे में चार दिन में 4.3 डिग्री की गिरावट आ जाने से ठंड का कहर अचानक बढ़ गया। पारा तेजी से नीचे आया तो शीतलहर सेहत पर भारी पड़ने लगी। कौड़िहार क्षेत्र में ठंड के कहर ने तीन लोगों की जान ले ली तो सोरांव क्षेत्र में भी एक युवक का दम तोड़ दिया। मंगलवार को कौड़िहार क्षेत्र के दो गांवों में तीन लोगों की ठंड लगने से मौत हो गई।
कौड़िहार के दासापुर निवासी कामता प्रसाद पाण्डेय (65) शाम को बाजार से खाद लेकर साइकिल से घर जा रहे थे। वह कौड़िहार कुरेसर मार्ग पर पहुंचे ही थे कि अचानक जमीन पर गिर पड़े और कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी तरह करीमउद्दीनपुर निवासी राम लखन विश्वकर्मा (75) और गप्पी यादव (70) की मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी और कुछ देर बाद ही मौत हो गई। सोरांव क्षेत्र के निवासी राम सुफल (40) की सोमवार की रात अचानक तबीयत खराब हो गई। जब तक परिजन उसे डाक्टर के पास लेकर जाते, उसकी मौत हो गई। सुबह परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों के अनुसार उसकी मौत ठंड लगने से हुई। मंगलवार को एसडीएम सोरांव भी उसके घर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।