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नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़

Fri, 11 Dec 2015 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एसटीएफ ने यमुनापार में एनटीपीसी पॉवर प्लांट मेजा में सुपरवाइजर और आपरेटर के पद नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये क ी ठगी करने वाले दो शातिरों को शुक्रवार को जार्जटाउन इलाके  से घेरेबंदी कर पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों के पास से एसटीएफ ने 1 लाख 70 रुपये, चार लग्जरी कार, दो रेसिंग बाइक, लैपटॉप, मोबाइल समेत भारी जाली दस्तावेज बरामद किए हैं। शातिरों ने कंपनी की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी का विज्ञापन निकाला।
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इसके बाद परीक्षा कराई। वे नियुक्ति पत्र बांटने से पहले रकम वसूल रहे थे। तभी एसटीएफ के शिकंजे में आ गए।
एसटीएफ सीओ प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि काफी दिनों से नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी की सूचना मिल रही थी। एसटीएफ एसआई अतुल कुमार सिंह को इस मामले की जांच में लगाया गया था। बृहस्पतिवार की रात एसआई अतुल को पता चला कि जार्जटाउन के टैगौर टाउन इलाके में कुछ शातिर मौजूद हैं।

 इस पर एसआई ने जार्जटाउन पुलिस के साथ घेरेबंदी कर भदोही में दुर्गागंज के  छिनौरा गांव के राहुल कुमार बिंद और धूमनगंज के मुहम्मदपुर मनौरी के रवि केसरवानी को दबोच लिया। वे नीली बत्ती लगी कार से रकम लेने पहुंचे थे, तभी एसटीएफ ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में राहुल ने बताया कि बारा और मेजा एनसीटीपी पॉवर प्लांट की स्थापना होने के साथ ही उनके  दिमाग में यह खुराफात सूझी थी। एनटीपीसी की वेबसाइट पर जाकर इस बारे में गहनता से छानबीन की। इसके बाद लोगों को कंपनी के सीईओ और एमडी से अच्छे संबंध का हवाला देकर बेरोजगार लोगों को झांसे में लेते। सामने वाले की हैसियत के मुताबिक आवेदन की कीमत दो से दस हजार रुपये तक वसूलते थे।
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 जो आवेदन पत्र पकड़े गए वे रवि के क्वालिटी प्रिंटर्स जीरो रोड में छपते थे। तकरीबन 11 सौ लोगों को आवेदन पत्र बेचे गए। लोगों को बताया कि परीक्षा भी होगी। लेकिन नियुक्ति पॉवर प्लांट पर हो रहे बवाल के  शांत होने के बाद दी जाएगी। यमुनापार के एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक महेंद्र के जरिए तीन स्कूलों में परीक्षा कराई गई। इनमें सरोजनी नायडू बालिका इंटर कॉलेज मनौरी कौशांबी, सरस्वती विद्या मंदिर चक दाउद नगर नैनी और महर्षि दयानंद बालिका इंटर कॉलेज मनौरी इलाहाबाद में परीक्षा हुई। तीन बार इन कॉलेजों में परीक्षा हुई।

 इतना ही नहीं कानपुर के सुमित नामक युवक से मिलकर कंपनी के नाम पर फर्जी वेबसाइट तैयार कराई गई। सुमित कंपनी का सीईओ बन गया। उसने फर्जी आईडी कार्ड भी बना लिया। बाकायदा फर्जी वेबसाइट पर प्रवेश पत्र, परीक्षाफल भी जारी किया गया। नियुक्ति का दबाव बनाने पर शातिरों ने एक लाख से 80 हजार रुपये लेकर पचास रुपये के स्टांप पर कुछ शर्तों के साथ नियुक्ति पत्र तैयार किया था। नियुक्ति पत्र पर मैनेजिंग डायरेक्टर का फर्जी हस्ताक्षर भी किया गया था।  पूछताछ में राहुल ने बताया कि खुद को बड़ा आदमी दिखाने के चक्कर में उसने कई फर्जी उपाधियां कमरे में रखी थीं। नीली बत्ती लगी कार में भारत सरकार लिखाकर चलता था।

राहुल खुद को नैनी के एक इंजीनियरिंग कॉलेज का गोल्डमेडलिस्ट बताता था। उसने क मरे में एनटीपीसी के नाम की शील्ड भी बाजार से खरीदकर रखी थी। कुल कमाई का 25 प्रतिशत रवि को दिया जाता था। रवि के प्रेस में सारे जाली दस्तावेज तैयार होते थे। एसआई अतुल सिंह ने बताया कि राहुल खुद तो हाईस्कूल पास है लेकिन वह खुद को बीटेक डिग्रीधारी बताता था। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा लिखकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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