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ट्रेन रोक अफसरों ने दिलाया बच्चे को दूध

Fri, 11 Dec 2015 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एक मां की ममता से बृहस्पतिवार को ‘प्रभु’ पिघल गए। चलती ट्रेन से मां ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु से गुहार लगाई की मेरा बच्चा भूखा है, उसे दूध चाहिए। बस फिर क्या सूचना मिलते ही उन्होंने उत्तर मध्य रेलवे के अफसरों को झटपट दूध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और इलाहाबाद मंडल के अफसरों ने बिना समय गंवाए बच्चे को फतेहपुर में ही दूध उपलब्ध करा दिया। दूध मिलने पर मां ने रेलमंत्री को फिर ट्वीट  करके धन्यवाद दिया।
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हुआ यूं कि गाड़ी संख्या 12581 मंडुवाडीह-नई दिल्ली के एस-7 कोच में कुसुम अपने 18 माह के बच्चे अवी और भाई सत्येंद्र यादव के साथ नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। कोहरे के चलते ट्रेन विलंब से चल रही थी। इस वजह से खाने पीने का सारा सामान रास्ते में ही खत्म हो गया। सुबह बच्चे को भूख लगी तो वह रोने लगा। ट्रेन इलाहाबाद पहुंची लेकिन यहां प्लेटफार्म पर दूध नहीं मिला। बच्चे को रोता देख महिला ने अपने भाई के मोबाइल से  रेलमंत्री को ट्वीट कर कहा कि उसके 18 महीने के बेटे को दूध चाहिए और ट्रेन काफी लेट है।

 थोड़ी देर बाद ही रेल मंत्रालय की ओर से मोबाइल नंबर पूछा गया। कुसुम ने देर न करते हुए ट्रेन में सवार अपने भाई के दो मोबाइल नंबर ट्वीट कर दिए। मंत्रालय ने एनसीआर जीएम और इलाहाबाद मंडल के डीआरएम को भी इसकी सूचना दे दी। तब तक ट्रेन इलाहाबाद से काफी आगे निकल चुकी थी, सो तय किया गया कि बच्चे को कानपुर में दूध उपलब्ध कराया जाए लेकिन एनसीआर के अफसरों ने कानपुर से पहले फतेहपुर में ही बिना ठहराव, गाड़ी रुकवाकर कुसुम के बच्चे को दूध उपलब्ध करा दिया। बाद में कानपुर में भी रेलवे की ओर से महिला को दूध और अन्य नाश्ता उपलब्ध कराया गया। दूध मिलने के बाद महिला ने ट्वीट कर सुरेश प्रभु को  दूध मिलने की सूचना देते हुए आभार व्यक्त किया।
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