तीन दिन से पड़ रहे कोहरे के चलते रेल संचालन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। उत्तर भारत के तमाम शहरों की ओर से आने वाली ट्रेनों पर कोहरे का असर कुछ ज्यादा ही पड़ा है। आलम ये है कि राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी घंटों विलंब से चल रही है। इलाहाबाद स्टेशन की बात करें तो यहां मंगलवार की रात तकरीबन 12 बजे आने वाली हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस बुधवार की दोपहर दो बजे ही पहुंच सकी। राजधानी जैसा ही हाल इलाहाबाद जंक्शन, प्रयाग, इलाहाबाद सिटी आने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों का भी रहा।
नतीजा यह रहा कि शाम को नौचंदी और संगम जंक्शन पर ही पुटबैक कर दी गईं। दोनों ही ट्रेनें अपने निधारित समय से रवाना नहीं हो सकी। कोहरे की वजह से दिल्ली, मेरठ, जयपुर आदि रूटों से आने वाली ट्रेनों की चाल कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई है। वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन दोपहर एक बजे के बाद ही इलाहाबाद पहुंच सकी। जयपुर-इलाहाबाद सुपरफास्ट की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब रही। यह गाड़ी सुबह पांच बजे की बजाय शाम छह बजे के आसपास इलाहाबाद पहुंची। विलंब से आने की वजह से रात 11.30 बजे रवाना होने वाली इलाहाबाद-जयपुर रात एक बजे रवाना करने की रेलवे ने तैयारी की।
इसके पूर्व संगम एक्सप्रेस भी शाम 5.45 बजे की बजाय रात 10 बजे और नौचंदी एक्सप्रेस शाम 5.40 की बजाय शाम सात बजे के आसपास रवाना की गई। मंगलवार की रात 9.20 बजे आने वाली महाबोधि एक्सप्रेस भी बुधवार की दोपहर तकरीबन 3.30 बजे इलाहाबाद पहुंच सकी। इसके अलावा इलाहाबाद जंक्शन आने वाली 12428 रीवा एक्सप्रेस छह घंटे, 12802 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आठ घंटे, 12582 मंडुवाडीह सुपरफास्ट 8.30 घंटे, 12560 शिवगंगा सात घंटे, 12444 हल्दिया एक्सप्रेस 11 घंटे, 12401 मगध 13 घंटे, 22858 आनंद विहार-संतरागाछी 21 घंटे तक विलंबित रही। ट्रेनों के लेट आने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जंक्शन के रिजर्वेशन काउंटर पर दिन भर टिकट वापसी करने वाले यात्रियों की भीड़ जमा रही। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ बुधवार को ही 500 से ज्यादा आरक्षित टिकट निरस्त कराए गए।