ठंड शुरू होते ही कोहरे का असर ट्रेनों के संचालन पर दिखने लगा है। सोमवार के बाद मंगलवार यानी दो दिन में ही जबर्दस्त कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम गई है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों पर पड़ रहा है। इसकी वजह से सुबह आने वाली ट्रेनें दोपहर बाद या फिर शाम को जंक्शन पहुंचीं। घंटों देरी से चल रहीं ट्रेनों के कारण रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से 139 पर संपर्क कर ट्रेन का पता करके ही जंक्शन आने और ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण अपने साथ पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री लेकर चलने की अपील की है।
कोहरे के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने पांच जोड़ी ट्रेनों को पूरी तरह जबकि दो जोड़ी ट्रेनों आंशिक रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ कुछ गाड़ियों के फेरों में भी कमी की तैयारी है। यह व्यवस्था आठ जनवरी से लागू होकर 29 फरवरी तक चलेगी। इस बीच सोमवार के बाद मंगलवार को भी जबर्दस्त कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन चरमरा गया। इसकी वजह से दिल्ली से आने वाली वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह 6.50 के बजाए पांच घंटे से ज्यादा समय की देरी से दिन में 11.48 बजे जंक्शन पहुंची। इससे ज्यादा खराब स्थिति जयपुर-मथुरा-इलाहाबाद एक्सप्रेस की रही। यह ट्रेन सोमवार को जयपुर से ही काफी विलंब से छूटी।
इसके जंक्शन पहुंचने का समय सुबह 4.55 बजे हैं लेकिन कोहरे के कारण पटरी पर रेंगते हुए यह ट्रेन करीब 11 घंटे की देरी से शाम 4.10 यहां आई।
यही हाल नौचंदी एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस ट्रेनों का रहा। नौचंदी एक्सप्रेस का जंक्शन पहुंचने का समय सुबह 9.55 बजे है लेकिन यह दिन में 1.50 बजे आई। संगम एक्सप्रेस भी सुबह 8.25 के बजाए दिन में 3.15 बजे जंक्शन पहुंची। इसकी वजह से शाम के बजाए रात 10.15 बजे रवाना करने के लिए तैयार की गई। दिल्ली से आने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र, रीवा समेत दर्जनभर से अधिक ट्रेनें पांच से 12 घंटे तक लेट रहीं।