ग्राम पंचायत के तीसरे चरण के चुनाव में भी हिंसा का दौरा जारी रहा। हालांकि पहले दो चरणों के मुकाबले इस बार हालात काबू में रहे लेकिन मऊआइमा ब्लॉक में बवाल कुछ ज्यादा हो गया। प्रत्याशियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया तो पुलिस को भी बचाव में हवाई फायरिंग करनी पड़ी। एक वाहन में तोड़फोड़ भी हुई। होलागढ़ में ग्राम प्रधान पद के एक प्रत्याशी के भतीजे को नोट बांटने के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया तो सोरांव में बूथों पर अराजकता फैलाने की कोशिश में आधा दर्जन लोग दबोचे गए। मऊआइमा की घटना को छोड़ अन्य ब्लॉकों मेें छिटपुट बवाल के बीच जिले में कुल 70.58 फीसदी वोट पड़े।
मतदान सुबह सात बजे शरू हुआ और सुबह से ही बूथों पर वोटरों की लंबी लाइन लग गई। सभी ब्लॉकों में दोपहर तक शांतिपूर्ण तरीके से मतदान होता रहा। इस बीच फर्जी मतदान को लेकर शिकायतें लगातार कंट्रोल रूम में आती रहीं लेकिन स्थिति पूरी तरह से काबू में थी। इस बीच दोपहर तीन बजे के आसपास मऊआइमा के विश्वंभरपुर गांव फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशी और उनके समर्थक आपस में भिड़ गए। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से सूचना पाकर मौके पर भारी फोर्स पहुंच गई। इस पर गांव वालों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बदले में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और हवाई फायरिंग शुरू कर दी।
एक प्रत्याशी के घर के बाहर खड़ी वैन में भी तोड़फोड़ की गई। बवाल में मकबूल, संतलाल, सीता देवी, रमिया देवी, इम्तियाज को हल्की चोटें आईं। बवाल करने वाले गांव से फरार हो गए और उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गए। पुलिस देर रात तक उनकी तलाश में जुटी रही।
उधर, फूलपुर के चंदौकी गांव में दो प्रत्याशियों के बीच पहले बहस हुई और बाद में उनके समर्थकों ने मारपीट शुरू कर दी। पुलिस को वहां लाठीचार्ज करना पड़ा। सोरांव ब्लॉक के धावापुर, अकारीपुर, शिवगढ़ में कुछ लोगों ने अराजकता फैलाने का प्रयास किया तो पुलिस उन्हें थाने उठा लाई और देर रात तक वहीं बिठाए रखा। होलागढ़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठे एक प्रत्याशी के भतीजे को पुलिस ने इस आरोप में दबोच लिया कि वह वोट के लिए नोट बांट रहा था। उसके पास से 50-50 के 24 नए नोट सिरीज में पाए गए। पुलिस ने देर रात तक उसे थाने में बैठाए रखा।