उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2015 भर्ती को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। प्री के बाद मुख्य परीक्षा के रिजल्ट को लेकर प्रतियोगी पहले ही आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। ऐसे में मात्र 21 दिन बाद साक्षात्कार की तिथि घोषित कर देने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। प्रतियोगियों का आरोप है कि मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन अनिल यादव के समय में हुआ था। इसमें घोर अनियमितता बरती गई।
उन्होंने मूल्यांकन तथा रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया के दौरान मानक पूरा न करने का भी आरोप लगाया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि मुख्य परीक्षा के रिजल्ट घोषित होने की प्रक्रिया सात चरणों में पूरी होती है लेकिन इसका पालन नहीं किया गया है। अवनीश का कहना है कि पूरे मामले को हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा।