कर्नलगंज में शनिवार शाम को बारात में लड़की से छेड़खानी के बाद साथी की पिटाई के बाद से ही हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के मन में बदले की आग सुलग रही थी। वे शनिवार रात ही बवाल काट अपना गुस्सा उतारते लेकिन तब भारी पुलिस बल के साथ आरआरएफ पहुंच गई थी। जिसके चलते टकराव टल गया था। रविवार शाम को फोर्स न होने से छात्रों को मौका मिल गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे छात्र पिटाई का बदला लेने पहुंच गए और जमकर बवाल काटा।
कर्नलगंज थाने से कुछ कदम की दूरी पर ही छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच संघर्ष होता रहा लेकिन इसके बाद भी पुलिस को पहुंचने में काफी देर लगी।
इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था। लोगों का आरोप था कि जब शनिवार को बवाल हुआ था तो आज भी मौके पर फोर्स तैनात होनी चाहिए थी। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते छात्रों को उपद्रव काटने का मौका मिल गया। अक्सर छात्र मामूली बात पर झगड़ा करने के बाद बवाल काटते हैं। इसके बाद भी बाजार में फोर्स नहीं रहती है। थाना करीब होने के बाद भी छात्र उपद्रव करते हैं। थाने के लोग दूसरे थानों से फोर्स के पहुंचने का इंतजार करते हैं। इससे छात्रों को मौका मिल जाता है और बवाल काटने के बाद वे भाग जाते हैं। रविवार रात जिस समय बवाल हुआ उस समय सलोरी में पुलिस के अफसर मीटिंग कर रहे थे। एसपी सिटी और सीओ थर्ड मीटिंग से ही भागकर मौके पर पहुंचे।