इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का उद्घाटन करने आ रहे योगी आदित्य नाथ के कार्यक्रम के विरोध में 19 नवंबर की रात विवि में धरने पर बैठीं छात्रसंघ अध्यक्ष को नोटिस भेजे जाने को महिला सलाहकार बोर्ड ने एकतरफा करार दिया है। उन्होंने इविवि के कुलपति को पत्र भेजकर छात्रसंघ अध्यक्ष केसाथ घटना के समय विवि में मौजूद छात्रसंघ के अन्य पदाधिकारियों उपाध्यक्ष, महामंत्री, संयुक्त मंत्री एवं सांस्कृतिक सचिव को भी नोटिस भेजकर जवाब देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन का व्यवहार छात्रसंघ अध्यक्ष एवं अन्य चार पदाधिकारियों के प्रति अलग-अलग है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजे पत्र में महिला सलाहकार बोर्ड की अध्यक्ष प्रो. रंजना कक्कड़ ने कहा है कि छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने उन्हें 23 नवंबर को एक पत्र लिखकर अपने साथ हुई घटना से अवगत कराया था। वैब अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि इविवि परिसर में भूख हड़ताल पर बैठीं ऋचा सिंह ने छात्रसंघ के अन्य पदाधिकारियों तथा उनके साथ आए छात्रों द्वारा उनके साथ अभद्रता करने की शिकायत फोन से की।
इस बात की जानकारी मिलने पर उन्होंने वैब की सदस्य डॉ. लालसा यादव को विवि जाकर जानकारी लेने को कहा। डॉ. लालसा अपने पति डॉ. सूर्य नारायण सिंह के साथ रात 11.15 बजे धरना स्थल पर पहुंचीं तो देखा कि छात्रसंघ अध्यक्ष एवं उनके समर्थकों के साथ अभद्रता की जा रही थी। वैब अध्यक्ष ने विवि के अधिकारियों पर भी मूक दर्शक बने रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।