अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय। देव दीपावली पर हजारों दीपों से रोशन संगम और गंगा यमुना के तटों को देखकर हर किसी के दिल से यही शब्द निकले। दीपों की सतरंगी आभा से जगमगाए घाटों का नजारा देखकर सभी की आंखों अचरज से खुली रह गईं। तटों पर जलते, नदी में तैरते दीये और आकाश में शानदार आतिशबाजी के बेमिसाल नजारों को हर कोई बस अपलक देखता रह गया।
संगम और गंगा-यमुना के तटों पर दीपदान करने के लिए शाम से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से देव दीपावली पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीपदान किया गया। आम लोगों ने भी आयोजनों को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया।
स्कूल, कॉलेजों, सिविल डिफेंस, आर्मी, नेहरू युवा केंद्र, एनएसएस, एलसीसी, पुलिस, व्यापार संगठनों ने संगम क्षेत्र को स्वच्छ रखने, पालीथिन मुक्त रखने और गंगा यमुना की अविरलता को बरकरार रखने की शपथ ली। इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं के गणेश वंदना से हुई। क्रास्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने गंगावतरण और वशिष्ठ वात्सल्य के बच्चों राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत किया। गायक मनोज गुप्ता ने अपने गीतों, भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन, राकेश तिवारी, बीके शुक्ला मौजूद रहे।
इसके साथ ही जिला जज बीके श्रीवास्तव, डीएम संजय कुमार, आईजी बीबी शर्मा, मंडलायुक्त राजन शुक्ला, डीआईजी भगवान स्वरूप, एसएसपी केएस इमैनुअल आदि मौजूद रहे। भारतीय सांस्कृतिक परिषद की ओर से 1100 दीप जलाए गए। इस दौरान संस्था के फूलचंद दूबे, दुर्गेश दूबे, रामजी शुक्ल आदि शामिल रहे।