इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष और केंद्र समन्वयकों की बैठक में एक तरफ जहां शांति व्यवस्था तथा शैक्षणिक माहौल स्थापित करने पर मंथन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर अराजक तत्वों ने परिसर में बम से धमाका करके दहशत फैलाने की कोशिश की।
नार्थ हाल में बैठक के दौरान ही शारीरिक शिक्षा विभाग के पास बम का धमाका हुआ। इतना ही नहीं प्राचीन इतिहास विभाग के पास एक जिंदा बम भी बरामद हुआ। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी को टारगेट किया गया था। इससे साफ है कि उनका मकसद सिर्फ परिसर में भय का वातावरण और तनाव बनाए रखना है। बम धमाका के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई।
उधर, शिक्षकों तथा अफसरों की बैठक में पूरे घटनाक्रम तथा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह बात पूरे जोर से उठी कि शिक्षक, डीएसडब्ल्यू, चीफ प्रॉक्टर तथा अन्य अफसरों के साथ अवांछनीय घटनाएं होती रहती हैं। उसके बाद इसी तरह से बैठकें की जाती हैं, लेकिन फिर सबकुछ भुला दिया जाता है। ऐसे में निर्णय लिया गया कि इस तरह की कोई घटना घटे तो प्रभावित शिक्षक अन्य सभी को एसएमएस तथा अन्य माध्यमों से तत्काल सूचित करें और सभी एकुजट होकर अवांछित तत्वों का सामना करें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षक शाम चार बजे तक परिसर में मौजूद रहें। बैठक में परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे को चालू करने तथा जहां नहीं हैं वहां लगाने की बात भी उठी। बैठक में विश्वविद्यालय में फोर्स बढ़ाने समेत अन्य कई बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
तनाव और विवादों के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार से कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया। परास्नातक में सेमेस्टर सिस्टम लागू हो गया है। कई विभागों में सेमेस्टर परीक्षाआें के कार्यक्रम भी घोषित हो गए हैं। ऐसे में कक्षाएं स्थगित रहने से सत्र नियमित न होने का अंदेशा बन गया है। इसके लिए छात्र-छात्राओं की ओर से भी कक्षाएं शुरू करने की मांग की जा रही है। इसके मद्देनजर संकाय अध्यक्षों, विभागाध्यक्षों और केंद्र समन्वयकों की बैठक में बृहस्पतिवार से कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की गई। तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय में 20 नवंबर से ही कक्षाएं स्थगित हैं। ऐसे में एक सप्ताह बाद कक्षाएं शुरू हो पाएंगी।